जनता दरबार बना भरोसे का मंच, बागेश्वर में अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण
बागेश्वर । जिले में प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली, जब जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के निर्देशों के क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी नारायण सिंह नबियाल की अध्यक्षता में हुए इस जनता दरबार में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और त्वरित कार्रवाई कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय दिया गया।
जनता दरबार में लोगों ने मोटर मार्ग निर्माण, सड़क सुधारीकरण, झूलते विद्युत तारों को ठीक करने, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त आवासों की सहायता राशि न मिलने, नारायण देव वार्ड में नालों की सफाई, भूमि जांच सहित कुल 12 शिकायतें दर्ज कराईं। राहत की बात यह रही कि इनमें से अधिकांश शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से नजर आया।
अपर जिलाधिकारी नारायण सिंह नबियाल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं है, उनमें तय समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना और प्रशासन को जनसमस्याओं के प्रति अधिक जवाबदेह बनाना है।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन और हेलो बागेश्वर पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा समाधान के बाद मिलने वाले फीडबैक की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आम नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर बना रहे। साथ ही लंबित मामलों को लेकर साप्ताहिक समीक्षा और शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
जनता दरबार में उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, बागेश्वर में आयोजित यह जनता दरबार प्रशासन की सक्रियता, जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशील रवैये का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया।
