January 29, 2026

कौसानी में डार्क स्काई टूरिज्म को बढ़ावा देगा एस्ट्रो गाइड


बागेश्वर ।  डार्क स्काई टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कौसानी में एस्ट्रो गाइड प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। ग्रह, उपग्रह व उल्का पिंडों की जानकारी कार्यशाला में दी जाएगी। इसके लिए विभन्न क्षेत्र के एस्ट्रो टूर गाइड जमा होंगे। एस्ट्रो टूर गाइड एक विशेष प्रकार का टूर गाइड होता है जो एस्ट्रो-टूरिज्म या खगोल पर्यटन से जुड़े टूर को लीड करता है। एस्ट्रो टूर गाइड पर्यटकों को रात के आसमान में तारे, ग्रह, आकाश गंगा, निहारिकाएं,उल्कापिंड आदि दिखाने और समझाने का काम करता है। प्रोजेक्ट एसोसिएट रश्मि ने बताया कि 24 जनवरी से कौसानी में दो सप्ताह की वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को एस्ट्रो-टूरिज्म में स्किल्ड बनाना है, ताकि वे प्रमाणित एस्ट्रो टूर गाइड बनकर रोजगार पा सकें और राज्य में को बढ़ावा मिले। उन्होंने बताया कि एस्ट्रो टूर गाइड खगोल विज्ञान की बेसिक जानकारी रखते हैं। वे टेलीस्कोप, बाइनोकुलर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करके आसमान के खूबसूरत नज़ारे दिखाते हैं। प्रकाश प्रदूषण से दूर वाली जगहों (जैसे डार्क स्काई रिज़र्व, पहाड़ी इलाके, रेगिस्तान) पर टूर आयोजित करते हैं। पर्यटकों को एस्ट्रोफोटोग्राफी (तारों की फोटोग्राफी) और खगोलीय घटनाओं (जैसे ग्रहण, उल्का वर्षा) के बारे में बताते और एक्सप्लेन करते हैं। कई जगहों पर अब प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चल रहे हैं, जैसे उत्तराखंड में भारत का पहला एस्ट्रो-टूर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम, या हनले डार्क स्काई रिज़र्व में कोर्स। भारत में इन जगहों पर चल रहे हैं कोर्स – उत्तराखंड (पिथौरागढ़, धिकुली आदि) में अब एस्ट्रो-टूर गाइड्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। – मध्य प्रदेश में भी एस्ट्रो टूरिज्म विलेज बन रहे हैं जहां लोकल गाइड्स तारों के टूर चलाते हैं। – लेह हमले जैसे इलाकों में भी ऐसे टूर बहुत पॉपुलर हैं।