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November 9, 2026

कत्यूर महोत्सव 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, भव्य आयोजन की रूपरेखा तय—तिथि, बजट और सांस्कृतिक स्वरूप पर गहन विमर्श


गरुड़, बागेश्वर।
कत्यूर महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और स्मरणीय स्वरूप देने की दिशा में प्रशासनिक तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। बैठक का मुख्य उद्देश्य महोत्सव की तिथि, बजट, कार्यक्रमों की संरचना तथा आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से कत्यूर महोत्सव की संभावित तिथि 3 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किए जाने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 3 अप्रैल को प्रातः 8 बजे इंटर कॉलेज से महोत्सव प्रांगण तक एक भव्य और सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाले जाने की रूपरेखा तय की गई, जिसे महोत्सव के शुभारंभ का प्रतीकात्मक आधार माना गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा, तहसीलदार निशा रानी, पर्यटन अधिकारी पी.के. गौतम, ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
उपजिलाधिकारी ने मानस खंड मंदिर परंपरा से जुड़े विषयों को रेखांकित करते हुए महोत्सव से संबंधित सभी भुगतानों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि गत वर्ष महोत्सव का कुल बजट लगभग 17 लाख रुपये रहा था, जबकि इस बार नगर पंचायत के माध्यम से आयोजन प्रस्तावित होने के कारण बजट के नए स्वरूप पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बैठक में महोत्सव मैदान की व्यवस्था, साज-सज्जा समिति, प्रचार-प्रसार की रणनीति, अतिथियों के आवास एवं खानपान, तथा विद्यालयों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थानीय रंग देने पर विशेष बल दिया गया। भाजपा महामंत्री घनश्याम जोशी ने सुझाव दिया कि सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय विद्यालयों के बच्चों को अधिक अवसर प्रदान किए जाएँ, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास हो सके। इसके अतिरिक्त खेलकूद प्रतियोगिताओं में वॉलीबॉल और कबड्डी को शामिल करने तथा वन विभाग के सहयोग से दीपोत्सव आयोजन कराने पर भी सहमति बनी।
बैठक के अंत में तहसीलदार निशा रानी ने किसानों से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा 27 जनवरी से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है, जिसके लिए विशेष कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि वे सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त कर सकें।
वहीं, समाजसेवी नंदन सिंह आलमिया और वरिष्ठ पत्रकार हरीश जोशी ने फरवरी माह में विद्यार्थियों की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए महोत्सव की तिथि आगे बढ़ाने का सुझाव रखा। इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करते हुए अंततः यह निर्णय लिया गया कि तिथि में परिवर्तन का प्रस्ताव संबंधित स्तर पर रखा जाएगा। बैठक में जिला पंचायत सदस्य बबलू नेगी, दीपक खुल्बे, भास्कर बोरा, भाजपा मंडल अध्यक्ष डी.के. जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जिला पंचायत सदस्य बबलू नेगी ने कौसानी महोत्सव को मई के अंत तक आयोजित कराने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर भविष्य में विचार किए जाने की बात कही गई।
कुल मिलाकर, बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि कत्यूर महोत्सव 2026 को केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय पहचान, लोकसंस्कृति और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने की दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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