January 29, 2026

वन पंचायतों के सशक्तिकरण की दिशा में बागेश्वर में सार्थक पहल, एक दिवसीय कार्यशाला ने खोले सतत विकास के नए आयाम


बागेश्वर। उत्तराखंड की वन पंचायत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं आजीविका–आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिनांक 23 जनवरी 2026 को प्रभागीय वनाधिकारी, बागेश्वर के कार्यालय में वन पंचायतों के सुदृढ़ीकरण हेतु एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रमुख वन संरक्षक, वन पंचायत उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशन में देहरादून से आई विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का मूल उद्देश्य वन पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों को उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “Development of NTFP, Herbal & Aroma Tourism through Federation in Uttarakhand” परियोजना की अवधारणा, उसके प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायती वन नियमावली तथा वनाग्नि प्रबंधन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी प्रदान करना था। इस अवसर पर प्रतिभागियों को यह समझाने पर विशेष बल दिया गया कि किस प्रकार गैर-काष्ठ वन उपज, औषधीय पौधों एवं एरोमा पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सशक्त किया जा सकता है, साथ ही वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान वन पंचायत विशेषज्ञ डॉ. डी.के. जोशी, उप वनक्षेत्राधिकारी श्री दीपक मधवाल एवं उप वनक्षेत्राधिकारी श्री एच. एल. शाह ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने वन पंचायतों की ऐतिहासिक भूमिका, सामुदायिक सहभागिता के महत्व तथा योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संगठित प्रयासों के माध्यम से वन पंचायतें स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यशाला के उपरांत विशेषज्ञ टीम द्वारा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत परियोजना में चयनित वन पंचायतों का स्थलीय भ्रमण कर जड़ी-बूटी आधारित वनीकरण एवं संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, उपयोगिता प्रमाण पत्र, वनीकरण रजिस्टर तथा CLMC बैठकों से संबंधित अभिलेखों का सूक्ष्म अवलोकन किया गया। संबंधित वन पंचायतों के सरपंच एवं सचिव मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव एवं सुझाव भी साझा किए।
इस कार्यक्रम में एसडीओ तनुजा परिहार, रेंजर गरुड़ महेंद्र सिंह गुसाईं, रेंजर जोशी, वन पंचायत विकास समिति के जिलाध्यक्ष अर्जुन राणा , फोरेस्टर, वन रक्षक सहित जनपद की विभिन्न वन पंचायतों के 50 से अधिक सरपंच, सचिव एवं स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर वन पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत करने तथा सतत आजीविका आधारित वन प्रबंधन को भविष्य में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
यह कार्यशाला न केवल वन पंचायतों की क्षमता वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई, बल्कि इसने बागेश्वर जनपद में सतत विकास और सामुदायिक वन प्रबंधन के लिए एक प्रेरणादायी मार्ग भी प्रशस्त किया।