January 29, 2026

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का माघ मेला छोड़ने का ऐलान, काशी के लिए रवाना; बोले- बिना स्नान दुखी मन से लौटना पड़ रहा


प्रयागराज । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है और वह काशी के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका मन इतना व्यथित है कि वे बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की धरती रही है। श्रद्धा के साथ यहां आया था, लेकिन एक ऐसी घटना हो गई, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी। इस घटना ने मेरी आत्मा को झकझोर दिया। इससे न्याय और मानवता के प्रति मेरा विश्वास कमजोर हुआ है।
शंकराचार्य ने बताया कि उन्होंने जो कहना था, कह दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कल माघ मेला प्रशासन की ओर से उन्हें एक पत्र और प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें कहा गया कि उन्हें पूरे सम्मान के साथ पालकी से संगम तक ले जाकर स्नान कराया जाएगा और फूल बरसाए जाएंगे, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, जब दिल में दुख और गुस्सा हो, तो पवित्र पानी भी शांति नहीं दे पाता।
माघ मेला 15 फरवरी तक चलेगा। अभी केवल दो स्नान बचे हैं—माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)। विवाद के कारण शंकराचार्य माघ मेला 18 दिन पहले ही छोड़कर जा रहे हैं। मौनी अमावस्या के दिन उनके प्रशासन से विवाद के बाद वे बिना स्नान किए लौट गए थे। इसके बाद बसंत पंचमी के दिन भी उन्होंने स्नान नहीं किया था। अब वे बाकी दोनों स्नानों में भी शामिल नहीं होंगे।