बोर्ड परीक्षा के रण में उतरेगा आत्मविश्वास का बल: बागेश्वर में 101 विद्यालयों तक पहुँचा प्रशासन, 5096 विद्यार्थियों को मिला प्रेरणा-संवाद
बागेश्वर। उत्तराखण्ड के बागेश्वर जनपद में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को सुदृढ़, संगठित और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक उल्लेखनीय पहल करते हुए 11 फरवरी को जिले के समस्त 101 शासकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में परीक्षा जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस अभिनव अभियान के अंतर्गत 101 अधिकारियों ने 101 विद्यालयों में पहुँचकर कुल 5096 विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया और उन्हें परीक्षा की प्रभावी तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण सूत्र प्रदान किए। यह पहल प्रशासन और शिक्षा तंत्र के बीच समन्वित प्रयास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।
कार्यक्रम के क्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बागेश्वर में बोर्ड परीक्षार्थी छात्राओं से संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती शोभा ने जिलाधिकारी को पारंपरिक कुमाऊनी पिछौड़ा ओढ़ाकर सम्मानित किया, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक आत्मीयता का स्पर्श भी जुड़ गया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा का यह समय जीवन के निर्णायक चरणों में से एक है और इस सीमित अवधि का अधिकतम उपयोग अध्ययन के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित करने, पिछले दस वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करने तथा उन्हें वास्तविक परीक्षा की भांति हल करने की सलाह दी। उन्होंने आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया।
जिलाधिकारी ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान भी किया और उन्हें बताया कि 10वीं तथा 12वीं की परीक्षाएँ भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक ही समाज की भावी पीढ़ियों के निर्माता होते हैं और उनकी प्रेरणा से ही विद्यार्थियों का व्यक्तित्व संवरता है।
इस विशेष पहल के अंतर्गत मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने राजकीय इंटर कॉलेज मण्डलसेरा तथा अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल ने राजकीय इंटर कॉलेज रवाईखाल में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें परीक्षा संबंधी मार्गदर्शन दिया। इसी प्रकार अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी विभिन्न विद्यालयों में पहुँचकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और करियर काउंसलिंग के माध्यम से उनके भविष्य के शैक्षिक एवं व्यावसायिक विकल्पों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान समय प्रबंधन, कठिन विषयों की प्रभावी तैयारी, एकाग्रता बनाए रखने और परीक्षा तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रशासन की इस सामूहिक पहल से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार हुआ है और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। प्रशासन का यह प्रयास निश्चय ही विद्यार्थियों की सफलता के मार्ग को प्रशस्त करने वाला सिद्ध होगा।
