February 14, 2026

वनाग्नि सीजन से पहले सतर्क प्रशासन: जौलकाण्डे में वनविभाग का मॉक ड्रिल

बागेश्वर । आगामी वनाग्नि काल को देखते हुए बागेश्वर वन प्रभाग द्वारा मॉडल क्रू-स्टेशन जौलकाण्डे में एक दिवसीय वनाग्नि नियंत्रण मॉक ड्रिल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप प्रभागीय वनाधिकारी तनुजा परिहार की अध्यक्षता में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न रेखीय विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का प्रदर्शन किया।

मॉक ड्रिल के तहत क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर वनाग्नि की काल्पनिक घटनाएं निर्मित की गईं। सूचना मिलते ही तत्काल चार मुख्य टीमें एवं दो रिजर्व टीमों का गठन कर उन्हें घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इन टीमों में वन विभाग, अग्निशमन विभाग तथा पुलिस वायरलेस सेवा के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। कंट्रोल रूम से सूचना के आदान-प्रदान, त्वरित संचार और समन्वय तंत्र की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया गया। आवश्यकता पड़ने पर रिजर्व टीमों को भी तत्काल मौके पर भेजा गया।

अभ्यास के दौरान घास एवं पिरूल की क्षति दर्शाई गई, जबकि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

उप प्रभागीय वनाधिकारी तनुजा परिहार ने बताया कि वनाग्नि काल से पूर्व इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना है, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में न्यूनतम नुकसान हो।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, वन क्षेत्राधिकारी केवलानन्द पाण्डे, महेन्द्र सिंह गुसाई, दीप चन्द्र जोशी सहित वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।