February 15, 2026

राजपुर रोड हत्याकांड: झारखंड से बुलाए गए शूटर, हरिद्वार से किराए पर लिए वाहन, पुलिस जल्द कर सकती है बड़ा खुलासा

देहरादून। राजधानी के राजपुर रोड इलाके में हुए चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में वारदात में शामिल शूटरों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

जिम से निकलते ही बरसाई गोलियां

घटना शुक्रवार सुबह की है। राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास जिम से बाहर निकलते समय बदमाशों ने विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल होने के बावजूद हमलावरों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।

कई दिनों से कर रहे थे रेकी

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। शूटर कई दिनों से विक्रम शर्मा की रेकी कर रहे थे और उनकी दिनचर्या पर नजर रखे हुए थे। शुरुआती जांच में दोनों हमलावरों के बाहरी राज्य से बुलाए गए पेशेवर अपराधी होने की पुष्टि हुई है।

फ्लाइट से आए, हरिद्वार से किराए पर ली बाइक-स्कूटी

पुलिस के मुताबिक, दोनों शूटर झारखंड से फ्लाइट के जरिए देहरादून पहुंचे थे। यहां आने के बाद उन्होंने हरिद्वार से बाइक और स्कूटी किराए पर ली। गुरुवार को बाइक और शुक्रवार तड़के करीब चार बजे स्कूटी ली गई।
स्कूटी ‘आकाश’ नाम और झारखंड के पते पर किराए पर ली गई। हैरानी की बात यह रही कि दोनों वाहनों के लिए एक ही आधार कार्ड जमा कराया गया। वाहन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित दुकान से एक दिन के लिए किराए पर लिए गए थे।

जमशेदपुर के वागबेड़ा के निवासी शूटर

पुलिस के अनुसार, दोनों शूटर जमशेदपुर के वागबेड़ा इलाके के रहने वाले हैं। उनकी पहचान आकाश और आशुतोष के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी के लिए फायरिंग समेत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस टीम हरिद्वार पहुंचकर वाहन किराए पर देने वालों से पूछताछ कर अहम जानकारी जुटा चुकी है।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस पर जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द बड़ी कार्रवाई संभव है।

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