February 15, 2026

तीन सदस्यीय समिति करेगी सोलर लाइट प्रकरण की जांच


चमोली ।  विकासखंड के गांवों में सोलर लाइट प्रकरण की जांच जिला स्तर पर बनी तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से की जाएगी। इस कमेटी में परियोजना निदेशक सहित उरेड़ा के अधिकारियों को शामिल किया गया है। कर्णप्रयाग विकासखंड के कतिपय गांवों में सोलर लाइट लगने के प्रकरण ने तब तूल पकड़ी जब स्थानीय व्यापारियों को इसकी भनक लगी। स्थानीय व्यापारियों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि नियमानुसार 10 करोड़ तक के टेंडर स्थानीय स्तर पर होने चाहिए लेकिन चमोली में उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी को ही गांवों में सोलर लाइटों को लगाने की अनुमति दी गई है। व्यापार संघ के जिला मंत्री बृजेश बिष्ट ने कहा कि कर्णप्रयाग की 10 से अधिक ग्राम पंचायतों में लाइटें लगा दी गईं हैं जबकि स्थानीय स्तर पर किसी भी व्यापारी से इस प्रक्रिया में कोटेशन तक नहीं लिए गए। बीते तीन फरवरी को आयोजित तहसील दिवस में दर्ज हुई शिकायत के बाद मामले में जांच कमेटी बना दी गई है। जल्द ही मामले की जांच की जाएगी।
इंसेट के लिए-
प्रधानों ने किया विरोध:   व्यापारियों की ओर से शिकायत करने के बाद प्रधानों ने इसका विरोध किया था। प्रधान संघ ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सामग्री का क्रय करना या योजनाओं का क्रियान्वयन करना पंचायत के अधिकार क्षेत्र में है। ऐसे में कम दरों और बेहतर गुणवत्ता वाले का कोटेशन स्वीकृत किया गया है। यदि कम दर और बेहतर गुणवत्ता पर स्थानीय स्तर पर सामग्री मिलती है कि वो अपना कोटेशन दे सकते हैं।
वर्जन:
गांवों में लगने वाली सोलर लाइट के प्रकरण पर शिकायत होने के चलते इसमें जांच कमेटी बना दी गई है। जिसमें पीडी और उरेड़ा के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जल्द ही समिति अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपेगी उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।    —डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, सीडीओ चमोली

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