नवनियुक्त पुलिस कप्तान एक्शन मोड़ में , बागेश्वर पुलिस की निर्णायक कार्रवाई, डेढ़ किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
बागेश्वर। उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाने के संकल्प को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए जनपद बागेश्वर पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध एक प्रभावशाली एवं निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मेहरा के कुशल नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी बागेश्वर श्री अजय साह के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के अंतर्गत एसओजी एवं कोतवाली बागेश्वर की संयुक्त टीम ने 17 फरवरी 2025 को छाती कांडा रोड स्थित नीलकंठ रेस्टोरेंट के समीप दो अलग-अलग वाहनों से कुल 1 किलो 400 ग्राम अवैध चरस बरामद कर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार चेकिंग के दौरान अभियुक्त नरेन्द्र सिंह कोरंगा, पुत्र नन्दन सिंह कोरंगा, निवासी ग्राम चुचेर, थाना कपकोट, जनपद बागेश्वर, को मोटरसाइकिल संख्या UK03A 7511 (प्लैटिना) से 774 ग्राम अवैध चरस का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वहीं दूसरे अभियुक्त महेश सिंह मेहता, पुत्र प्रेम सिंह मेहता, निवासी ग्राम चुचेर, थाना कपकोट, जनपद बागेश्वर, को वाहन संख्या UK02TA 2857 (अल्टो कार) से 626 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी गई है। तस्करी में प्रयुक्त दोनों वाहनों को भी पुलिस ने विधिवत सीज कर दिया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध कोतवाली बागेश्वर में मु0 एफआईआर संख्या 09/26, धारा 08/20/60 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि “नशा मुक्त उत्तराखण्ड” की परिकल्पना को साकार करने हेतु जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस सफल अभियान में उ0नि0 मनोहर चंद, कांस्टेबल प्रेम राम, कांस्टेबल संतोष सिंह (एसओजी/एएनटीएफ), कांस्टेबल रमेश सिंह (एसओजी/एएनटीएफ), कांस्टेबल भुवन बोरा (एसओजी) तथा चालक कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार की सक्रिय भूमिका रही। बागेश्वर पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के विरुद्ध एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसने स्पष्ट कर दिया है कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के लिए कोई स्थान शेष नहीं रहेगा।
