February 24, 2026

नशे के विरुद्ध निर्णायक प्रहार: पुलिस की विशेष कार्यशाला से NDPS मामलों में सख्ती का संकल्प

बागेश्वर। मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक धार देने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह पहल , पुलिस अधीक्षक, के निर्देशन में संपन्न हुई, जिसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के अंतर्गत विशेष रूप से ‘वाणिज्यिक मात्रा’ से जुड़े मामलों की विवेचना को त्रुटिहीन और अभियोजन को सुदृढ़ बनाने पर गहन मंथन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया की औपचारिकता तक सीमित न रहकर दोषियों को कठोरतम दंड सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक एवं ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनपद के सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों ने सहभागिता करते हुए NDPS मामलों में साक्ष्य संकलन की वैज्ञानिक एवं तकनीकी पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। श्री शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित मामलों में प्रत्येक प्रक्रिया विधिसम्मत और पारदर्शी हो, जिससे न्यायालय में अभियोजन की स्थिति अटूट रहे और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी श्रीमती रावत ने अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं, विशेषकर धारा 50 (व्यक्ति की तलाशी) तथा जब्ती प्रक्रिया की विधिक सूक्ष्मताओं पर प्रकाश डालते हुए विवेचकों को केस डायरी सुदृढ़ करने और साक्ष्यों की श्रृंखला को निर्बाध बनाए रखने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि सशक्त अभियोजन की आधारशिला प्रारंभिक विवेचना की गुणवत्ता पर ही निर्भर करती है।

कार्यशाला में जिला शासकीय अधिवक्ता जी.सी. उपाध्याय एवं बसंत बल्लभ पाठक की उपस्थिति ने विधिक विमर्श को और भी प्रासंगिक बना दिया। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए गए कि सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों में निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएँ, ताकि न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पुलिस कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क—सप्लाई चेन की ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ कड़ियों—की गहन जांच कर उसे जड़ से समाप्त करने की रणनीति अपनाई जाए।

पुलिस अधीक्षक श्री मेहरा ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि बागेश्वर पुलिस नशे के कारोबार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है। इस प्रकार की कार्यशालाएँ न केवल विवेचकों की दक्षता में वृद्धि करेंगी, बल्कि समाज को नशे के दुष्चक्र से मुक्त करने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होंगी।