स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता का सख्त संदेश: कुमाऊं आयुक्त ने जिला चिकित्सालय बागेश्वर का किया औचक निरीक्षण
बागेश्वर । कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने सोमवार को स्थित जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उनके साथ जिलाधिकारी भी मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की आधारभूत संरचना, ओपीडी संचालन, दवाइयों की उपलब्धता तथा आपातकालीन सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुक्त ने अस्पताल परिसर, पंजीकरण काउंटर, ओपीडी कक्षों और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, पंजीकरण प्रक्रिया और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। क्यूआर कोड के माध्यम से ओपीडी शुल्क भुगतान प्रणाली की भी जांच की गई तथा डिजिटल पारदर्शिता को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
जन औषधि केंद्र में जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। स्टॉक रजिस्टर और वितरण व्यवस्था की जांच करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक दवाओं की कमी न होने पाए और मरीजों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आए लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आपातकालीन सेवा 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता, प्रतिक्रिया समय और तकनीकी स्थिति पर भी चर्चा की गई। पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समयबद्ध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक में मानव संसाधन की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, स्वच्छता व्यवस्था और उपकरणों की कार्यशीलता पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन शर्मा तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपमा हयांकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
