February 27, 2026

बाल श्रम पर कड़ा प्रहार: पुलिस और बाल कल्याण समिति की संयुक्त मुहिम से बैजनाथ में सुरक्षित बचपन का संदेश

गरुड़/बागेश्वर। सुरक्षित और सम्मानित बचपन की संकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद में एक सार्थक पहल देखने को मिली, जब पुलिस प्रशासन और जिला बाल कल्याण समिति ने संयुक्त रूप से बैजनाथ क्षेत्र में सघन चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान न केवल कानून के अनुपालन की औपचारिकता था, बल्कि समाज को संवेदनशील बनाने की एक गंभीर और दूरदर्शी पहल भी सिद्ध हुआ।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 25 फरवरी 2026 को कोतवाली बैजनाथ पुलिस और जिला बाल कल्याण समिति की टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों—मोटर गैराज, होटल, रेस्टोरेंट, वेल्डिंग शॉप तथा अन्य कार्यस्थलों—का औचक निरीक्षण किया। अभियान का नेतृत्व जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कैलाश सिंह बोरा और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक प्रतिष्ठान की गहनता से जांच की गई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी बाल श्रम जैसी अमानवीय प्रवृत्ति पनप न रही हो।

संतोषजनक तथ्य यह रहा कि अभियान के दौरान किसी भी स्थान पर बाल श्रम से संबंधित अनियमितता प्रकाश में नहीं आई। यह न केवल प्रशासन की सतर्कता का परिणाम है, बल्कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचायक है।

अभियान के दौरान प्रतिष्ठान स्वामियों एवं आमजन को बाल श्रम निषेध कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई और यह स्पष्ट संदेश प्रसारित किया गया कि बच्चों का वास्तविक स्थान कार्यस्थलों पर नहीं, बल्कि विद्यालयों में है—जहाँ उनका भविष्य आकार लेता है और राष्ट्र की नींव सुदृढ़ होती है।

पुलिस प्रशासन ने जनमानस से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम से संबंधित कोई सूचना प्राप्त हो, तो तत्काल पुलिस अथवा जिला बाल कल्याण समिति को अवगत कराएं। प्रशासन का यह प्रयास केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में ऐसी चेतना विकसित करने का है, जहाँ हर बालक को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो सके।