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October 17, 2026

बागेश्वर में कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत का सख्त संदेश : गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से नहीं होगा कोई समझौता

बागेश्वर। कुमाऊँ मंडल के आयुक्त दीपक रावत के दो दिवसीय जनपद भ्रमण के प्रथम दिन कलेक्ट्रेट सभागार एक व्यापक प्रशासनिक मंथन का साक्षी बना, जहाँ विकास योजनाओं की प्रगति, वित्तीय अनुशासन और कार्यों की समयबद्धता पर गहन समीक्षा की गई। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे द्वारा उनका औपचारिक स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मान व्यक्त किया गया।

बैठक में जिला योजना, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं, अवशेष धनराशि और मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति पर विभागवार प्रस्तुतीकरण हुआ। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं की सफलता केवल स्वीकृति तक सीमित न रहे, बल्कि उसका धरातल पर प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।

मत्स्य विभाग द्वारा ट्राउट उत्पादन की उपलब्धियों पर आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया, वहीं उद्यान विभाग ने कीवी उत्पादन के विस्तार, विपणन संभावनाओं और आगामी दशक की कार्ययोजना का सुविस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। “अभिनव पहल” के तहत काला धान की खेती की शुरुआत को आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। जिला मिशन इकाई द्वारा कुटकी उत्पादन की प्रगति को भी सकारात्मक संकेत के रूप में रेखांकित किया गया।

पशुपालन विभाग की ब्रायलर फार्म नीति और “गोट वैली योजना” के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया। औषधि विभाग द्वारा “नशामुक्त उत्तराखंड” अभियान के अंतर्गत नशा रोकथाम, स्प्यूरियस दवाओं की रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों की जानकारी दी गई, जिस पर आयुक्त ने प्रवर्तन को और सख्त बनाने के निर्देश दिए।

स्वच्छता के मोर्चे पर जिला पंचायत और नगर निकायों द्वारा लिगेसी वेस्ट निस्तारण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तथा पिंक टॉयलेट की स्थिति पर चर्चा हुई। कौसानी क्षेत्र में आवश्यकता पड़ने पर शौचालयों का पुनः सर्वे कराने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय में टोकन सिस्टम एवं सेंट्रल बिलिंग सिस्टम की शुरुआत को पारदर्शिता की दिशा में उल्लेखनीय कदम बताया गया। “हैलो हेल्थ बागेश्वर” सेवा को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश देते हुए आयुक्त ने दूरभाष के माध्यम से चिकित्सकों और स्टाफ की उपलब्धता की पुष्टि कर व्यवस्थाओं का वास्तविक आकलन किया। शिक्षा विभाग द्वारा पीएम श्री योजना अंतर्गत संचालित विद्यालयों की उपलब्धियाँ भी साझा की गईं।

लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई सड़कों और अन्य संपर्क मार्गों पर स्पष्ट नाम पट्ट अंकित कर 60 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए। पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कांडा ग्राम समूह पंपिंग परियोजना तथा अमृत 2.0 के तहत कपकोट पंपिंग योजना की प्रगति प्रस्तुत की। दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल द्वारा नेटवर्क सुदृढ़ीकरण और टावरों की स्थिति पर जानकारी दी गई।

राजस्व प्राप्तियों, साइबर अपराध नियंत्रण, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कॉलिंग प्रतिशतता तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कार्यप्रणाली में तीव्रता लाने के निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा कम्पा अंतर्गत वृक्षारोपण, मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और ईको-ट्रेल विकास की जानकारी दी गई, वहीं खेल विभाग को निर्माणाधीन अवसंरचनाओं के शीघ्र हस्तांतरण हेतु समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।

कुन्ती नाला, अल्मोड़ा मैग्नेसाइट, मास्टर ड्रेनेज योजना, कांडा नर्सिंग कॉलेज, कौसानी पार्किंग, ग्राम खोली स्टेडियम, बीआरओ सड़क चौड़ीकरण हेतु भूमि अधिग्रहण, रीप (REAP) एवं अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी विस्तार से विमर्श हुआ। “वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर” के अंतर्गत गरुड़ गंगा पुनर्जीवन योजना की प्रगति को पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में अहम प्रयास बताया गया।

बैठक के समापन पर आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक तंत्र को उन्होंने निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्रदान किया जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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