नारी शक्ति को नमन — अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बागेश्वर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का भव्य सम्मान
बागेश्वर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विकास भवन सभागार में आयोजित गरिमामय सम्मान समारोह में नारी शक्ति के अद्वितीय योगदान को श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कहा कि महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की प्रगति और सभ्यता की निरंतरता की केंद्रीय धुरी भी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं दूसरों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, किंतु इसके साथ-साथ उन्हें अपने अस्तित्व, अधिकारों और स्वास्थ्य के प्रति भी पूर्णतः सजग और जागरूक रहना चाहिए।
‘राइट, जस्टिस, एक्शन फॉर ऑल वीमेन एंड गर्ल्स’ विषयवस्तु पर आधारित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और भी गरिमामय हो उठा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में समाज के प्रति उत्कृष्ट और प्रेरणादायी योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने दुगबाजार की आंगनबाड़ी कार्यकत्री राहिला तबस्सुम, अखर की गीता कोरंगा तथा मन्यूडा की खष्टी राना को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उनके समर्पण, सेवा भावना तथा समाज के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रहीं मंडलसेरा की रेखा पंचवाल और कांडा की शोभा पांडे ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन और सफलता की प्रेरक यात्रा को साझा किया। उनके अनुभवों ने उपस्थित जनसमूह को आत्मविश्वास, परिश्रम और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की नारी शक्ति अपनी दृढ़ता, साहस और संघर्षशीलता के लिए विशेष रूप से जानी जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अथक परिश्रम और अदम्य संकल्प के कारण ही समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक रहने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज महिलाएं आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रही हैं, किंतु सामाजिक स्तर पर अभी भी कई प्रकार की चुनौतियां और भेदभाव विद्यमान हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मंजुलता यादव ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके समग्र विकास के लिए विभाग हर स्तर पर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, खान अधिकारी नाजिया हसन सहित विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
