May 23, 2026

दीर्घ सेवायात्रा को भावभीनी विदाई: फिजियोथेरेपिस्ट दीप चंद्र जोशी का सम्मान समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न

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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में वर्षों तक अपनी सेवाओं से पहचान बनाने वाले फिजियोथेरेपिस्ट दीप चंद्र जोशी को 31 मार्च 2026 को अधिवर्षता आयु पूर्ण करने पर भावभीनी विदाई दी गई। उनके सम्मान में आयोजित समारोह न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति संस्थान की गहरी कृतज्ञता का प्रतीक भी बना।
मूल रूप से बागेश्वर जनपद के बनतोली (गरुड़) निवासी दीप चंद्र जोशी का जीवन अनुशासन, सेवा और समर्पण का प्रेरक उदाहरण रहा है। भारतीय नौसेना में रहकर देश की सेवा करने के उपरांत उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखा और एसटीएच में लगभग 26 वर्ष 10 माह तक अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान उन्होंने न केवल मरीजों के उपचार में अपनी दक्षता का परिचय दिया, बल्कि अपने सहज व्यवहार और मानवीय संवेदनशीलता से सहकर्मियों के बीच विशेष स्थान बनाया।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थियेटर-01 में आयोजित विदाई समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि जोशी सदैव अपने दायित्वों के प्रति सजग, कर्मठ और पूर्णतः समर्पित रहे। उन्होंने चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम माना और इसी भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
समारोह के दौरान दीप चंद्र जोशी ने भी अपने दीर्घ सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए संस्थान, सहकर्मियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय रही है, जिसमें उन्हें सीखने, सेवा करने और संबंधों को संजोने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में उनकी पत्नी सुधा जोशी सहित परिजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी भावनात्मक बना दिया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. गोविंद सिंह तितियाल, प्रो. आर.जी. नौटियाल, प्रो. महेंद्र कुमार पंत, तन्मय जोशी, तमन्ना जोशी, पार्षद राजेंद्र पंत, मैनेजर परितोष पंत, हरिमोहन उपाध्याय, मदन सिंह बोरा, डॉ. तन्वी पंत समेत मेडिकल कॉलेज के अनेक प्राध्यापक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
यह विदाई समारोह एक ऐसे कर्मयोगी को सम्मानित करने का अवसर बना, जिन्होंने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्षों को समाज की सेवा में समर्पित कर एक अनुकरणीय मिसाल स्थापित भी की हैं।