April 7, 2026

कत्यूर महोत्सव में हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन


बागेश्वर ।   कत्यूर महोत्सव के दौरान कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं और समाज को आइना दिखाने का काम किया। सरकारी व्यवस्था पर भी चोट की और प्रकृति का सौंदर्यबोध भी कराया। साहित्यकार मोहन जोशी ने कत्यूर घाटी को याद करते हुए कहा कि घर-घरों में तेरी आरती मन मनो में तेरी एक लगन, हे शक्ति थानों थान त्यार दीया जलून से कार्यक्रम की शुरूआत की। प्रीतम सिंह नेगी ने उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों पर तीव्र प्रहार किए। भास्कर तिवारी ने का हमर बूब ग्याय का छू आम गाकर पुराने दौर को याद किया। आनंद बल्लभ भट्ट ने बढ़ते शराब के प्रचलन पर गहरे कटाक्ष किए।आशा जोशी ने मां पर रचना वात्सल्य प्रस्तुत किया मां रिश्ता तेरे अनमोल कैसा बताऊं तेरा गायन किया। प्रेम भट्ट, शिक्षिका, आओ भुला आओ, रंगीलो कत्यूरों का कौतिक लाग रो गोमती किनारों गा कर माहौल बनाया। इस मौके पर डॉ. गिरीश अधिकारी, रमेश बृजवासी, डॉ हेम दूबे, सुरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन चंद्रशेखर बड़सीला ने किया।

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