May 24, 2026

उत्तराखंड प्रशासन में बड़ा फेरबदल: IAS और PCS अधिकारियों के तबादले, अपूर्वा पाण्डेय बनीं बागेश्वर की नई डीएम


युवा शक्ति, प्रशासनिक अनुभव और नई जिम्मेदारियों के साथ शासन ने बदली नौकरशाही की तस्वीर
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने सोमवार देर शाम बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी। शासन द्वारा जारी आदेशों में कई जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं। इस फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा हल्द्वानी की प्रतिभाशाली IAS अधिकारी अपूर्वा पाण्डेय की नियुक्ति को लेकर रही, जिन्हें अब बागेश्वर जिले का जिलाधिकारी बनाया गया है।
वर्ष 2017 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड टॉपर रहीं अपूर्वा पाण्डेय की पहचान एक मेहनती, संवेदनशील और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में रही है।
शासन के आदेश के अनुसार, अब तक पेयजल, गृह, निर्वाचन और शहरी जल आपूर्ति परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहीं अपूर्वा पाण्डेय को बागेश्वर जिले की कमान सौंपी गई है। पर्वतीय जिले में विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक मजबूती को लेकर उनसे बड़ी अपेक्षाएं की जा रही हैं।
इसी प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। वरिष्ठ IAS अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है, जबकि विनय शंकर पाण्डेय को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को सचिव, वित्त विभाग बनाया गया है। वहीं आनंद स्वरूप को गढ़वाल मंडल पेयजल निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
युवा IAS अधिकारी आशीष चौहान को देहरादून का जिलाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा IAS अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय को नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुशी दीप्ति सिंह को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
PCS अधिकारियों के स्तर पर भी शासन ने व्यापक बदलाव किए हैं। गिरधारी सिंह रावत को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि प्रमोद कुमार को नैनीताल से स्थानांतरित कर चम्पावत का डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया गया है। योगेश मेहरा को हरिद्वार में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को आगामी विकास योजनाओं, प्रशासनिक दक्षता और सुशासन की दिशा में सरकार की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। खासतौर पर युवा और ऊर्जावान अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों और विभागों की जिम्मेदारी सौंपे जाने को प्रशासनिक व्यवस्था में नई सोच और नए नेतृत्व के संकेत के तौर पर माना जा रहा है।