May 24, 2026

गरुड में गोल्डन कार्ड से पेंशनर खफा


गरुड, बागेश्वर।  पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक रविवार को टोनीखेत स्थित जनमिलन केंद्र (रामलीला भवन) में संपन्न हुई। इस दौरान पेंशन विसंगतियों, गोल्डन कार्ड की खामियों और लंबित देयों को लेकर विस्तृत मंथन हु। वक्ताओं ने कहा कि गोल्डन कार्ड उनके लिए जी का जंजाल बन गया है। इसके लिए की जा रही कटौती बंद करने की मांग की।
नंदन सिंह अलमिया ने कहा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए संगठन को और अधिक सुगठित व व्यवस्थित करना होगा। उमेद रावत कहा कि गोल्डन कार्ड के नाम पर हो रही भारी कटौतियों से बुजुर्ग कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पेंशन से गोल्डन कार्ड की कटौती तत्काल बंद की जाए। अस्पतालों में मिलने वाली उपचार सुविधाओं को कैशलेस और व्यावहारिक बनाया जाए, तांकि वृद्ध काश्तकारों/कर्मचारियों को समय पर इलाज मिल सके।
सचिव की मांगें
सचिव सुरेंद्र वर्मा ने पेंशनर्स के वित्तीय हितों की पुरजोर वकालत करते हुए दो प्रमुख मांगें रखीं। पेंशन कम्यूटेशन (कटौती) की अवधि घटाने और पेंशन कटौती की समय-सीमा को 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने को कहा। बैठक में राज्य निगमों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लंबित जीपीएफ और पेंशन प्रकरणों के भुगतान में हो रही देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि सालों से अटके इन मामलों का अविलंब निपटारा कर बुजुर्गों का हक उन्हें तुरंत सौंपा जाए। इस मौके पर उपाध्यक्ष नारायण सिंह मेहरा, कोषाध्यक्ष हरीश पुरोहित, रतन सिंह खड़ाई, मोहन सिंह बिष्ट, हरीश सिंह भयेरा, लक्ष्मी दत्त खोलिया, मंजू वर्मा और चंदन लाल आदि मौजूद रहे।