22 वर्षों से लंबित रेल परियोजना पर संघर्ष समिति का गुस्सा
बागेश्वर । टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर टनकपुर-बागेश्वर रेल संघर्ष समिति ने रविवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। समिति ने आरोप लगाया कि पिछले 22 वर्षों से रेल परियोजना को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में आयोजित धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2004 से रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है, लेकिन आज तक परियोजना पर प्रभावी कार्य शुरू नहीं हो सका। बैठक का संचालन उपसचिव चरण सिंह बघरी ने किया।आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले दो दशकों में कई बार रेल लाइन का सर्वे कराया गया, लेकिन मामला फाइलों तक ही सीमित रहा। उनका कहना था कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए रेल संपर्क अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सरकारों की उदासीनता के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। नीमा दफौटी ने कहा कि विभिन्न सरकारों ने समय-समय पर रेल लाइन निर्माण के वादे किए, लेकिन अब तक एक इंच पटरी भी नहीं बिछाई जा सकी है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि रेल परियोजना की सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में केशवानंद जोशी, प्रताप सिंह दानू, सोबन सिंह, गोकुल जोशी, महेंद्र सिंह, मालती पांडेय, पार्वती पांडेय, हरीश सोनी सहित कई लोग मौजूद रहे।
