औषधि भंडारों का औचक निरीक्षण, गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण पर दिया गया विशेष जोर
बागेश्वर। जनपद में शासकीय संस्थानों में पशु उपयोगार्थ औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक ने केंद्रीय औषधि भंडार एवं जिला पशु चिकित्सालय के औषधि भंडार का विस्तृत नियामकीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के सुरक्षित भंडारण, शीत श्रृंखला के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण तथा नियमानुसार औषधि प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे के निर्देशों के क्रम में बुधवार को औषधि निरीक्षक, बागेश्वर सुश्री पूजा रानी ने केंद्रीय औषधि भंडार, पशुपालन विभाग तथा जिला पशु चिकित्सालय, बिलौना स्थित औषधि भंडार का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
निरीक्षण के दौरान पशु उपयोगार्थ औषधियों की भंडारण व्यवस्था, तापमान नियंत्रण प्रणाली, शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन) का अनुरक्षण, स्टॉक रजिस्टर, औषधियों की प्राप्ति एवं निर्गमन से संबंधित अभिलेख, एक्सपायरी प्रबंधन तथा दवाओं की भौतिक स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। इसके साथ ही गुड स्टोरेज प्रैक्टिसेज (GSP) के अनुपालन का भी मूल्यांकन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि औषधियां निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित वातावरण में संरक्षित हैं।
निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रभारी अधिकारियों को औषधि भंडार में उच्च स्तर की स्वच्छता एवं हाउसकीपिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी पशु उपयोगार्थ औषधियों का भंडारण निर्माता द्वारा निर्धारित तापमान एवं अन्य मानकों के अनुरूप किया जाए। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के प्रति संवेदनशील औषधियों को नियंत्रित एवं शुष्क वातावरण में अलग से सुरक्षित रखने पर विशेष बल दिया गया, ताकि उनकी गुणवत्ता, स्थायित्व और चिकित्सीय प्रभावकारिता प्रभावित न हो।
औषधि निरीक्षक ने वैधानिक अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने, स्टॉक का समय-समय पर सत्यापन करने तथा औषधि भंडारण एवं वितरण से जुड़े सभी नियामकीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि औषधियों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण से न केवल उनकी गुणवत्ता बनी रहती है, बल्कि पशुओं के उपचार में भी अपेक्षित चिकित्सीय परिणाम प्राप्त होते हैं।
इस अवसर पर औषधि निरीक्षक सुश्री पूजा रानी ने बताया कि शासकीय संस्थानों में समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त, सुरक्षित एवं प्रभावी पशु औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि औषधि भंडारण एवं वितरण प्रणाली को नियामकीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ बनाना विभाग की प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि पशुपालकों एवं पशुधन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
