कौसानी की प्यास बुझाने और खेतों को सिंचित करने की दिशा में बड़ा कदम, डीएम ने योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
बागेश्वर , गरुड । जिले में पेयजल एवं सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने गुरुवार को कौसानी ग्राम समूह (पंपिंग) पेयजल योजना तथा बिजोरीझाल लिफ्ट सिंचाई योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और रखरखाव में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा ऊर्जा दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कौसानी ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंपिंग स्टेशन का अवलोकन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता को देखते हुए परियोजना को आधुनिक एवं ऊर्जा दक्ष तकनीकों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में योजना के संचालन एवं अनुरक्षण पर न्यूनतम लागत आए और उपभोक्ताओं को निर्बाध जलापूर्ति मिल सके।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग 23 करोड़ 18 लाख 35 हजार रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण किया जा रहा है। योजना के पूर्ण होने पर कौसानी, नौघर स्टेट, डोबा मल्ला और डोबा तल्ला सहित कुल 46 बस्तियों के 767 परिवारों, विभिन्न होटलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत गोमती नदी के तट पर इन्फिल्ट्रेशन वेल का निर्माण किया गया है, जबकि अतिरिक्त आरसीसी जलाशयों, ग्रेविटी मेन और वितरण प्रणाली को भी सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र में उपलब्ध लगभग 0.30 एमएलडी पेयजल के अतिरिक्त इन्फिल्ट्रेशन वेल के माध्यम से 1.18 एमएलडी अतिरिक्त जल प्राप्त होगा। इससे कौसानी क्षेत्र की दीर्घकालिक पेयजल आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित होने के साथ ही वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान भी संभव हो सकेगा।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने बिजोरीझाल लिफ्ट सिंचाई योजना का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। जिला योजना के अंतर्गत 145.24 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस योजना के माध्यम से बिजोरीझाल ग्राम की लगभग 40 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना से 451 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल और सिंचाई जैसी आधारभूत सुविधाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में जीवन स्तर बेहतर होगा, कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी गरुड़ वैभव कांडपाल, जल निगम के सहायक अभियंता पंकज आर्या, अंजली तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
