September 21, 2026

शहीदों की स्मृति में बागेश्वर में बृहद वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

बागेश्वर। पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने और देश के वीर शहीदों की शौर्यगाथा को सदैव जीवित रखने के उद्देश्य से देवकी लघु वाटिका, मंडलसेरा के तत्वावधान में कुंती एवं दुंगाड़ नाले के आसपास बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बाँस, रिंगाल, पीपल, पाकड़, गुलमोहर, आम, सुबबूल, बाज, शहतूत, निरगुंडी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कारगिल शहीद स्वर्गीय राम सिंह बोरा की धर्मपत्नी श्रीमती जानकी बोरा को उनकी स्मृति में गरुड़ क्षेत्र में रोपित करने हेतु दो चंदन के पौधे भेंट किए गए। आयोजकों ने कहा कि यह पहल शहीदों के प्रति सम्मान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का माध्यम बनेगी।

आयोजकों ने बताया कि काँडा सड़क चौड़ीकरण के चलते भविष्य में आबादी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आपदा की आशंका को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी श्याम सिंह करायत, चंदन सिंह टगनिया, प्रियंका देवड़ाड़ी, गीता तिवारी, दीपा भंडारी, ममता, भजन सिंह, हेमंत सिंह, चंदन राम, सीमा खेतवाल, रोहिणी जोशी, मनीषा, लक्ष्मी, अजय थापा, किशोर चंद्र, महेश बलसूनी, सुधीर कुमार, रामदेव, जगदीश कनवाल, दीपक जोशी, शंकर राम, मोहित गोस्वामी, देश दीपक, जीवन चंद्र जोशी, राजेंद्र पूना, डॉ. जितेंद्र तिवारी, अर्जुन गड़िया, आनंद भंडारी, रमेश पर्वतीय सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर किशन मलड़ा ने बताया कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर वर्ष 2004-05 में क्षेत्र में “शहीद शांति वन” की स्थापना की गई थी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर लघु वन विकसित किए गए तथा जल संरक्षण के लिए चाल-खाल और खंतियों का निर्माण किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज हरियाली और जल संवर्धन के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के बावजूद समस्त क्षेत्र को माँ कोटगाड़ी भगवती एवं देश के अमर शहीदों के नाम समर्पित किया गया है। साथ ही सभी नागरिकों से पौधों की सुरक्षा का आह्वान करते हुए चेतावनी दी गई कि किसी भी पौधे को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा धार्मिक आस्था के अनुसार माँ भगवती भी ऐसे कृत्यों का स्वयं न्याय करेंगी।

पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और शहीदों के सम्मान का यह अभियान क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में सराहा जा रहा है।