शामा में किसानों के लिए खुलेगा ‘कोल्ड स्टोरेज’ का रास्ता, डीएम अपूर्वा पाण्डे ने नौकोड़ी पहुंचकर परखी जमीन
कीवी समेत पहाड़ी कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और बेहतर दाम की उम्मीद; सफल मॉडलों का अध्ययन कर स्थानीय जरूरत के अनुरूप बनेगी कार्ययोजना
बागेश्वर। शामा क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही भंडारण संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बुधवार को शामा क्षेत्र के नौकोड़ी गांव पहुंचकर कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाने की संभावनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने ग्राम शामा के समीप कीवी बहुल क्षेत्रों के आसपास उपलब्ध भूमि का जायजा लेते हुए यहां कोल्ड स्टोरेज निर्माण की संभावनाओं को परखा।
कीवी उत्पादकों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी खेती, उत्पादन, भंडारण तथा विपणन से जुड़ी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। किसानों ने प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज को लेकर अपने सुझाव भी जिलाधिकारी के समक्ष रखे।
डीएम ने क्षेत्र में की जा रही विभिन्न फसलों और कृषि गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शामा की जलवायु और कृषि-बागवानी की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए यहां कोल्ड स्टोरेज की स्थापना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।
उपज खराब होने से बचेगी, किसानों को मिलेगा बेहतर भाव
जिलाधिकारी ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज बनने से कीवी सहित अन्य फल, सब्जियों और कृषि-बागवानी उत्पादों को सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इससे किसानों को अपनी उपज को मजबूरी में कम कीमत पर बेचने के बजाय उचित समय पर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित सुविधा का इस्तेमाल केवल कृषि उपज के भंडारण तक सीमित न रहकर बीज संग्रहण समेत अन्य आवश्यक कार्यों में भी किया जा सकता है।
दूसरे राज्यों के सफल मॉडल से सीखेंगे अधिकारी
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज की स्थापना से पहले तकनीकी, आर्थिक, भूमि, उत्पादन क्षमता और स्थानीय जरूरतों समेत सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाए। उन्होंने अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित कोल्ड स्टोरेज मॉडल का अध्ययन करने तथा उनकी उपयोगी व्यवस्थाओं को शामा की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल भवन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवहारिक और टिकाऊ व्यवस्था विकसित करना है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत और उपज का अधिकतम लाभ मिल सके।
एक सप्ताह में मांगी गई विस्तृत कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी हरीश चंद्र को निर्देशित किया कि ग्रामीण कार्य विभाग समेत सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार कर एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए।
शामा की खेती को मिल सकता है नया बाजार
प्रशासन की इस पहल को शामा क्षेत्र की कृषि-बागवानी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यहां आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा विकसित होती है तो कीवी सहित स्थानीय उत्पादों की बर्बादी कम होने, किसानों की आय बढ़ने और विपणन व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही, क्षेत्र में कृषि एवं बागवानी आधारित रोजगार और व्यवसाय को भी नई गति मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अनिल सिंह चनियाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
