September 13, 2026

महंगाई पर फूटा महिला एकता मंच का गुस्सा


हल्द्वानी ।  महिला एकता मंच के बैनर तले रविवार को रामनगर के लखनपुर चौक पर महंगाई के खिलाफ जनसभा का आयोजन किया गया। सभा के बाद महिलाओं ने एक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और एक स्वर में आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों को तत्काल कम करने की पुरजोर मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते आज देश में आटा, दाल, चावल, तेल और रसोई गैस जैसी बुनियादी वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। सभा का संचालन करते हुए ललिता रावत ने कहा कि चीनी के दाम 40 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये प्रति किलो, सरसों का तेल 200 रुपये के पार और रसोई गैस 1,000 रुपये प्रति सिलेंडर से अधिक हो चुके हैं।डीजल और पेट्रोल की बेतहाशा बढ़ोतरी ने रोजमर्रा की हर चीज को महंगा कर दिया है, जिसका सबसे बुरा असर महिलाओं की रसोई और उनके घर-परिवार के बजट पर पड़ रहा है। कौशल्या ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के कॉर्पोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय निगमों को खुली छूट दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, दवाइयां और जनता की अन्य जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं। समाजवादी लोक मंच के जगमोहन रावत ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश आत्मनिर्भर विकास के मार्ग से भटककर अपनी अधिकांश आवश्यकताओं के लिए विदेशी ताकतों पर निर्भर होता जा रहा है। इस दौरान गिरीश चंद्र आर्य, महिला एकता मंच की सरस्वती जोशी, पुष्पा चंदोला, विद्यावती शाह, कमला देवी, प्रगतिशील एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल, परिवर्तन पार्टी की किरन आर्य, संयुक्त संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, किसान संघर्ष समिति के महेश जोशी आदि मौजूद रहे।