वन्यजीवों के आतंक से निजात और मुआवजा प्रक्रिया सरल करने की मांग
बागेश्वर । 13 सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष वाहिनी एक बार फिर मुखर हो गई है। वाहिनी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कार्यालय में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए मुआवजा प्रक्रिया सरल करने समेत विभिन्न मांगें उठाई गईं। कार्यकर्ताओं ने डीएफओ को ज्ञापन भी सौंपा। जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता डीएफओ कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी के साथ धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली सूअर, बंदर, लंगूर, गुलदार और भालू के कारण फसल, मवेशियों और जनजीवन को लगातार नुकसान हो रहा है।जंगली सूअर से फसल बर्बाद होने पर मुआवजा पाने की प्रक्रिया जटिल है। इसे सरल करने के साथ ही वन्यजीवों की गांवों में आवाजाही रोकने के ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने वन्यजीवों को भगाने के लिए संविदा पर एक-दो स्थानीय युवाओं को तैनात करने, ग्राम सरपंच/प्रधान को सुरक्षा के लिए लाइसेंसी राइफल उपलब्ध कराने और वन्यजीवों के हमले में मृतक या घायल को 15 दिन के भीतर मुआवजा देने की मांग की।इसके अलावा रेंज स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स टीम गठित करने, बंदर बाड़ा बनाने, आरक्षित वन क्षेत्रों में आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों को हटाने, गांवों की सीमाओं पर साइन बोर्ड लगाने, वन विभाग के पैदल मार्गों की मरम्मत करने और खड़िया खदानों से प्रभावित वनों के संबंध में कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई। इस मौके पर दीप जोशी, नीरज, विनोद, अंकुर उपाध्याय और योगेश पांडे आदि मौजूद रहे।
