October 4, 2026

हेमा नेगी करासी को मिला ‘अमेजिंग इंडिया अवार्ड


लोक गायिका की कला साधना और लोक संस्कृति के संरक्षण को मिला राष्ट्रीय सम्मान
देहरादून । उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में जुटी प्रसिद्ध लोक गायिका हेमा नेगी करासी के नाम एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें प्रतिष्ठित ‘अडानी प्रेजेंट्स अमेजिंग इंडिया अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। लोक संगीत के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के प्रयासों के लिए मिले इस सम्मान से प्रदेश के कला जगत में खुशी का माहौल है।
हेमा नेगी करासी लंबे समय से उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों, लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत को अपनी आवाज के माध्यम से व्यापक मंच प्रदान कर रही हैं। उनकी प्रस्तुतियों ने पहाड़ की लोक परंपराओं को प्रदेश से बाहर तक पहचान दिलाने के साथ ही युवा पीढ़ी में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करने का काम किया है।
लोक संगीत के प्रति उनकी साधना को इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर सम्मान मिल चुका है। उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों के लिए नामित किया जा चुका है। नए सम्मान को वह अपने व्यक्तिगत गौरव के बजाय पूरी उत्तराखंडी लोक संस्कृति का सम्मान मानती हैं।
हेमा नेगी करासी ने कहा कि यह पुरस्कार उनके साथ-साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और उन सभी लोक कलाकारों को समर्पित है, जो अपनी विरासत को जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
कला साधना के साथ वह एचएनके सांस्कृतिक सेवा ट्रस्ट के माध्यम से लोक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी काम कर रही हैं। ट्रस्ट के माध्यम से नई पीढ़ी को पारंपरिक वाद्ययंत्रों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका प्रयास है कि आधुनिक दौर में भी उत्तराखंड की लोक परंपराएं और पारंपरिक संगीत नई पीढ़ी तक निरंतर पहुंचते रहें।
हेमा नेगी करासी को मिले इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान पर उनके प्रशंसकों, सांस्कृतिक संस्था हिमतंरग गोचर के कलाकारों और शुभचिंतकों सुशील राजश्री नित्या चौहान भरत नेगी रवि बिष्ट विमल विष्ट गोचर व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल सुनील पवार ने बधाई देते हुए इसे उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।