पेयजल, बिजली, सड़क और आपदा से जुड़ी शिकायतों पर डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
गरुड़ (बागेश्वर)। ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज बंतोली, गरुड़ में तहसील दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 20 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं।
तहसील दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने क्षेत्रों में लंबे समय से बनी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, आपदा तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित मामले शामिल रहे। ग्रामीणों ने समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की ओर से दर्ज कराई गई प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग शिकायत का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें और कार्रवाई की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करें।
शिकायत दर्ज करना ही नहीं, समाधान भी जरूरी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतों को दर्ज कर औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन शिकायतों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। वहीं, जिन मामलों में दूसरे विभागों के समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान कराया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता को कार्रवाई के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इससे शिकायतकर्ता को यह जानकारी मिल सकेगी कि उसकी समस्या पर विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई है।
फोन पर मिलने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लें अधिकारी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील दिवस के अलावा फोन कॉल अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण अपनी समस्या लेकर कार्यालय तक नहीं पहुंच पाते और फोन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। ऐसे मामलों में भी संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनें और यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
विद्युत कटौती पर यूपीसीएल को नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश
तहसील दिवस के दौरान विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों को भी प्रमुखता से उठाया गया। क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की स्थिति पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है तो विभाग की ओर से इसका स्पष्ट कारण बताया जाए। साथ ही ऐसी स्थिति की जानकारी संबंधित उपजिलाधिकारी को नियमित रूप से रिपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में विभागीय अधिकारी तत्काल समस्या का संज्ञान लें और आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेयजल और सड़क जैसी समस्याओं के समाधान पर जोर
तहसील दिवस में पेयजल और सड़क से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी और अन्य परिस्थितियों में पेयजल की समस्या गंभीर रूप न ले, इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
इसी तरह सड़क से जुड़ी शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए सड़क संबंधी समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आपदा संबंधी मामलों पर भी गंभीरता बरतने के निर्देश
तहसील दिवस में आपदा से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों और संभावित संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संभावित आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी अद्यतन रखी जाए और स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए।
अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति देखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल कार्यालय में बैठकर शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत और वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थलीय निरीक्षण के बाद ही प्रभावी समाधान की कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। जिन मामलों में शासन या उच्च स्तर से अनुमति अथवा बजट की आवश्यकता हो, उन्हें भी संबंधित स्तर पर समय से भेजा जाए, ताकि प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है तहसील दिवस
जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ग्रामीणों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें और समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब शिकायतों पर समय से कार्रवाई होगी और लोगों को उसका परिणाम भी दिखाई देगा। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को अपनी प्राथमिकता में रखें।
तहसील दिवस के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने और संबंधित शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी देने को कहा।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य, ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
