19 मई को मद्महेश्वर धाम के लिए रवाना होंगे भगवान मद्महेश्वर
रुद्रप्रयाग, ( आखरीआंख ) पंच केदारो में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली आज अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर से धाम को रवाना होगी। विभिन्न यात्रा पडावों पर भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए 21 मई को अपने धाम पहुंचेगी और डोली के धाम पहुंचने पर मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायंेगे।
मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार आज सभा मण्डप से भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को डोली में विराजमान कर डोली का विशेष श्रंृगार कर आरती उतारी जायेगी। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ओंकारेश्वर मन्दिर की परिक्रमा कर धाम के लिए रवाना होगी और डंगवाड़ी, बाह्मणखोली, मंगोलचारी, सलामी, फापंज, मनसूना, बुरूवा, राऊलैंक, उनियाणा यात्रा पड़ावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंचेगी। बीस मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी से प्रस्थान कर अंतिम रात्रि प्रवास को गौंडार गांव पहुंचेगी। 21 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ब्रह्म बेला पर गौण्डार गांव से रवाना होकर बनातोलो, खटरा, नानौ, मैखम्भा, कूनचट्टी यात्रा पड़ावो पर आशीष देते हुए देवदर्शनी पहुंचेगी। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के देवदर्शनी पहुंचने पर मन्दिर से शंख ध्वनि बजेगी और शंख ध्वनि का निमंत्रण स्वीकार कर डोली धाम को रवाना होगी तथा डोली के धाम पहुंचने पर भगवान मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायंेगे।
