August 27, 2026

उक्रांद मजबूत होकर राज्य को भाजपा-कांग्रेस मुक्त करेगाः सतीश सेमवाल

देहरादून,  ( आखरीआंख ) उत्तराखंड क्रांति दल का पहला लक्ष्य आने वाले पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव है। भाजपा और कांग्रेस ने इस राज्य को हाशिए की कगार पर खड़ा कर दिया है। उत्तराखंड क्रांति दल का वर्तमान कार्यकाल ऐतिहासिक रहा है, जिसमें दल एकजुट हुआ है और लोकसभा व निकाय चुनाव में भागीदारी की है तथा  गैरसैंण में विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया है।
यह बात दल के मुख्य प्रवक्ता सतीश सेमवाल नेें पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अभी दल का सदस्यता अभियान ग्राम स्तर पर मजबूती से चल रहा है। अभी राज्य में प्रत्येक जनपद व ब्लॉक स्तर पर दल के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें प्रत्येक जनपद से महाधिवेशन के लिए डेलीगेट्स नियुक्त होंगेघ्। इसके बाद दल का महा अधिवेशन 24-25 जुलाई को होगाघ्। उन्होंने कहा कि दल आज तक भाजपा व कांग्रेस के षड्यंत्र का शिकार हुआ है, लेकिन अब किसी भी सूरत में भाजपा-कांग्रेस के क्षेत्रीय दल को समाप्त करने के मंसूबों को साकार नहीं होने देंगे। सेमवाल ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि एकजुटता के साथ सदस्यता अभियान चलाकर दल के महाधिवेशन में मजबूत सक्षम व प्रभावशाली नेतृत्व देना कार्यकर्ताओं का पहला कार्य होगा। सेमवाल ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस झूठ व मक्कारी की नींव पर खड़ी है। देर सवेर उक्रांद मजबूत होकर राज्य को भाजपा कांग्रेस मुक्त करेगा। उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड के नाम पर राज्य व केंद्र की सरकार राज्य वासियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। ऑल वेदर रोड का जो पायलट प्रोजेक्ट था उसके ठीक विपरीत निर्माण कार्य हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि देहरादून उधम सिंह नगर हरिद्वार जैसे शहर भाजपा और कांग्रेस की गैर जिम्मेदाराना नीतियों के कारण  अपराधियों की शरण स्थली बन गए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य से भाजपा व कांग्रेस का सफाया हो कर ही राज निर्माण की मूल अवधारणा साकार होगी। सेमवाल ने कहा कि राज्य में चल रहे विभिन्न संगठनों के धरना प्रदर्शन की जायज मांगो का उक्रांद पूर्ण समर्थन करता है। उक्रांद प्रवक्ता ने कहा कि पलायन रोकना, राज्य के अंतिम गांव तक सड़क चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था कर राज्य के अंतिम गांव तक चैमुखी विकास करना राज्य की मूल अवधारणा व शहीदों के सपने थे।लेकिन भाजपा व कांग्रेस ने अपनी नीतियों व स्वार्थ के लिए शहीदों के सपनों को ताक पर रखकर राज्य को हाशिए की कगार पर खड़ा कर दिया है।केंद्रीय सरकार के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य राज्य है राज्य से सैकड़ों सैनिक अपने देश के लिए शहादत दी है लेकिन पुलवामा के बदले बालाकोट के बारे में पूछने पर केंद्र सरकार के नुमाइंदों द्वारा सबूत मांगने का आरोप लगाया जाता है।इस पर उक्रांद का कहना है कि हमें सबूत नहीं बालाकोट के बारे में स्पष्टीकरण देकर केंद्र सरकार सुकून दे। प्रेसवार्ता में वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन, शांति भट्ट, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष संजय छेत्री उपस्थित थे।