March 11, 2026

जिलाधिकारी रंजना ने की जिला योजना की समीक्षा

 

बागेश्वर ( आखरीआंख ) जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में वर्ष 2019-20 जिला योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिसमें जिलाधिकारी द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए जिला योजना के अन्तर्गत विभागों द्वारा प्रस्तावित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने उपस्थिति अधिकारियों से कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जिला योजना 32 करोड़ 80 लाख की धनराशि अनुमोदित की गयी थी तथा वर्ष 2019-20 के लिए शासन द्वारा 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करते हुए 36 करोड़ 09 लाख का परिव्यय अनुमोदित किया गया है। उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जिला योजना के अन्तर्गत आम जनमानस से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दें जिससे ज्यादा से ज्यादा जनता को योजना का लाभ प्राप्त हो सके ऐसी योजनाओं का प्रस्ताव प्राथमिकता से तैयार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जो योजनायें निमार्णाधीन है एवं पुराने कार्य अभी पूर्ण नहीं किये गये है इसमें प्राथमिकता के आधार पर पुराने निर्माण कार्य पूर्ण कराये तभी नर्इ योजना के लिए प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में कोर्इ भी धनराशि उपलब्ध नहीं करार्इ गर्इ है तथा योजना का किसी भी प्रकार से आम जनता को कोर्इ लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है ऐसी योजनाओं को जिला योजना में शामिल न किया जाय। इसके स्थान पर कोर्इ अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रस्तावित करें जो आम जनता के लिए उपयोगी एवं लाभकारी हो।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि शासन के निर्देशानुसार जो भी योजनायें तैयार की जानी है वह 02 वर्ष तक के लिए ही प्रस्तावित किया जाय तथा 02 वर्ष में ही उस योजना का कार्य पूर्ण किया जा सके। इस तरह की योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव तैयार करें। जिलाधिकारी ने कहा कि खनन क्षेत्र में जिन विभागों द्वारा जो भी निर्माण कार्य कराये जा रहे है जिसमें पेयजल, ग्राम्य विकास, शिक्षा के कार्य किये जा रहे उन योजनाओं को जिला योजना में शामिल न किया जाय, उन योजनाओं के लिए खनन फाउण्डेशन से ही प्रस्तावित करते हुए धनराशि स्वीकृत की जायेगी।
बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी बागेश्वर एवं प्रभारी रेशम विभाग उपस्थित न होने पर जिलाधिकारी द्वारा गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी तथा संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध बैठक में उपस्थित न होने तथा बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओं नोटिस निर्गत करने के आदेश मुख्य विकास अधिकारी को दिये। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि विभाग, उद्यान, चिकित्सा, पशुपालन, दुग्ध विकास, वन विभाग, शिक्षा विभाग, मत्स्य, सहकारिता, सिंचार्इ, खादी, लोनिवि, पंचायतीराज, उरेड़ा, अर्थ एवं संख्या, पेयजल, जलसंस्थान, सेवायोजन, सूचना, खेल आदि विभागों की समीक्षा की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती ने अधिकारियों से कहा कि संबंधित विभाग जो भी योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय यह सुनिश्चित कर लें कि इस योजना से कितनी जनसंख्या एवं कितने ग्राम लाभान्वित हो रहे है इसका उल्लेख प्रस्ताव में अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने उद्यान विभाग को मौन पालन एवं पालीहाउस के माध्यम से सब्जी उत्पादन के लिए महिलाओं के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाये सब्जी उत्पादन कर योजना से लाभान्वित हो सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 जे0सी0मण्डल, प्रभागीय वनाधिकारी बी.एस.शाही, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चन्द्र सिंह रावत, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्य, अपर निदेशक डीआरडीए शिल्पी पन्त, जिला क्रीडा अधिकारी विनोद सिंह वल्दिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।