बागेश्वर में रेल लाइन की मांग को लेकर मोर्चा खोला
बागेश्वर, ( आखरीआंख ) टनकपुर-बागेश्वर रेल संघर्ष समिति ने रेल लाइन की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन को फिर से तेज करने का एलान किया है। तहसील में रेल बनाओ संघर्ष समिति की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले छह दशकों से लगातार बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन बनाने की मांग को लेकर लोग आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। बीते वर्ष 2018 में रेल लाइन बनाओ संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री से मिला था। जिसके बाद आश्वासन मिला था कि जल्द ही रेल लाइन का कार्य शुरू होगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। अभी फिर केंद्र में भाजपा सरकार है। वह फिर भी इस रेल लाइन को अटकाए हुए है। जिससे बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ के लोग अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। रेल लाइन बनने से यहां विकास की बयार बहती। यात्रा करना आसान हो जाता, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर कतई गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। जिस कारण फिर से आंदोलनकारी एकजुट होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर केंद्र सरकार से मांग करेंगे की वह इस मसले पर जल्द कार्रवाई करें। अगर इसके बाद भी कुछ नही होता तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। बैठक के अंत में समिति के उपाध्यक्ष केव सिंह दियोड़ी की माता बसंती देवी के असमायिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस अवसर पर रेला संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी, खड़क राम आर्य, इंद्रा जोशी, गीता रावल, गीतांजलि मलहोत्रा, सुरेंद्र पिलख्वाल, महेंद्र कोश्यारी, रतन सिंह, बसंत बल्लभ, हयात सिंह मेहता, पार्वती पांडे, लक्ष्मी धर्मसक्तू, सावित्री परिहार सहित कई लोग मौजूद थे।
