कमिश्नर ने कानून व्यवस्था व वन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
नैनीताल, ( आखरीआंख ) मण्डलायुक्त राजीव रौतेला ने मण्डल की कानून व्यवस्था व वन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा एलडीए सभागार में की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी पूर्ण क्षमता से आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को अंजाम दें। अपने मुख्यालयों में मौजूद रहकर ससमय कार्य करें, कार्यों में हीलाहवाली करने वालों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मण्डल में कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस व प्रशासन आपसी तालमेंल से कार्य करें।
श्री रौतेला ने कहा कि पहाड़ी जनपद कानून व्यवस्था के लिहाज से शान्त हैं मगर उधम सिंह नगर व नैनीताल तथा चम्पावत के मैदानी क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाए। आयुक्त ने कहा कि पंचायत निर्वाचन नजदीक हैं, इसलिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन अभी से अपनी कार्य योजनाए तैयार कर लंे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी सार्वजनिक स्थलों, बाजार, चैराहों पर एक साथ बैठकर जनता से मुखातिब हों ताकि जनता अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आए और उनका त्वरित समाधान करें, इससे जनता का प्रशासन व अधिकारियों के प्रति विश्वास बढ़ेगा। श्री रौतेला ने कहा कि भाबर-तराई क्षेत्र में खनन, वन उपज की तस्करी पर पूर्ण रोक लगाई जाए, पुलिस व वन विभाग के अधिकारी नियमित पेट्रोंलिंग करें, वन चोकियों में सीसीटीवी लगाए जाए व चैकियों में तैनात कर्मचारियों को सक्रिय किया जाए, प्रदेश के बार्डर एरिया में पुलिस चैकियों पर वाहनों की कड़ी चैकिंग की जाए व अधिकारी सीसीटीवी फुटेज का नियमित निरीक्षण करें।
मानसून काल में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु सभी अधिकारी व कर्मचारी तैयार रहें तथा आईआरएस सिस्टम को सक्रिय करें तथा समय-समय पर माॅक ड्रिल करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रतिदिन मौसम रिपोर्ट देखें तथा उप जिलाधिकारियों व सम्बन्धित अन्य अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ली जाए तथा पूर्व में हुई आपदा क्षेत्रों की जानकारी के साथ क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से नियमित संवाद स्थापित किया जाए ताकि आपदा के समय त्वरित बचाव कार्य सम्पादित हो सकें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों, कानून व्यवस्था, आपदा आदि सूचनाएं मीडिया से साझा करें व सक्षम अधिकारी समय-समय पर प्रेस वार्ताएं भी करें। अधिकारी किसी भी प्रकार के किए जा रहें कार्यों को बताए व प्रशासन का पक्ष जरूर रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनपदों में वन विभाग की सड़के हैं, जिनमें जनता का आवागमन बना रहता है, इसलिए वन विभाग सक्रिय होकर अपने वन क्षेत्रों की सड़कों के अवरूद्ध होने, भू-कटाव, भू-धंसाव की सूचना जिला आपदा कन्ट्रोल रूम, पुलिस कन्ट्रोल रूम को भी अवश्य देंगे ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत मण्डल में जल संचय, संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के साथ ही वृहद्ध पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि रामनगर काॅर्बेट पार्क के भीतर क्या करें और क्या न करें से सम्बन्धित सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि पर्यटकों द्वारा जानवरों को भोजन आदि न दिया जाए और न ही जानवरों के क्षेत्र में वाहन पार्किंग भी कतई न की जाए, इस हेतु उन्होंने पार्क गाईड, वाहन चालकों, हाॅटल रिसोर्ट संचालकों के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों परं प्रथम अधिकारी जानवरों का है, इसलिए मानव दखल अंदाजी पर पूर्ण रोक लगाई जाए। बैठक में डीआईजी जगत राम जोशी, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊॅ डाॅ.विवेक पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल, डाॅ.नीरज खैरवाल, नितिन सिंह भदौरिया, रंजना राजगुरू, एसएन पाण्डेय, डाॅ.विजय कुमार जोगदण्डे, वन संरक्षक डाॅ.पराग मधुकर धकाते, तेजस्विनी पाटिल धकाते, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजूलाल, नितिश मणि त्रिपाठी, आरएस बिष्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, पुलिस अधीक्षक रामचन्द्र राजगुरू, लोकेश्वर सिंह, रचिता जुयाल, अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
