May 7, 2026

जिलाधिकारी ने उद्यमियों को किया पुरस्कृत

 

बागेश्वर ( आखरीआंख ) औद्योगिक क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योग बन्धुओं की समस्याओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में उद्योग बन्धुओं एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक अयोजित की गयी।
बैठक में जिलाधिकारी ने महाप्रबन्धक उद्योग को निर्देश दिये है कि जनपद के आर्थिकी को बेहतर करने के लिए औद्योगिक र्इकार्इ से जुड़े उद्योग बन्धुओं की जो भी समस्यायें है उनका निराकरण तत्काल करें। उद्योग विभाग द्वारा छोटे-छोटे उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए जो भी आवेदन स्वीकृत किये गये है तथा जो आवेदन बैंको को प्रेषित किये गये है उनमें से कितने उद्यमियों को बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किया गया है इसकी जानकारी विभाग को होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने लीड बैंक अधिकारी को निर्देश दिये है कि जिन उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए बैंको में ऋण हेतु जो आवेदन लम्बित है उनका निराकरण करते हुए संबंधित उद्यमियों को तत्काल ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकार की कोर्इ आपत्ति है तो उसके लिए संबंधित को जानकारी उपलब्ध कराते हुए उसका समाधान तत्काल कराये। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी एवं महाप्रबन्धक उद्योग को भी इस संबंध में बैंको से जानकारी प्राप्त करते हुए लम्बित प्रकरणों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जनपद के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तथा उनकी आर्थिकी को बेहतर करने के लिए छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिए महाप्रबन्धक को निर्देश दिये है कि छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिए ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करें ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके। यहॉ के युवा को उसी के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध होगा तथा रोजगार के लिए उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा और पलायन भी रूकेगा।
जिलाधिकारी ने महाप्रबन्धक उद्योग को यह भी निर्देश दिये है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए बागेश्वर में सिलार्इ, कडार्इ के लिए केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिये जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलायें आकर सिलार्इ का कार्य सीखें और उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी तथा वह अपने परिवार एवं बच्चों का सही तरह से भरण पोषण एवं लालन पालन कर सकेंगे। इसके लिए उन्होंने कम से कम 50 से अधिक महिलाओं को शामिल करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने उद्योग बन्धुओं से यह भी अपेक्षा की है कि जनपद में कोर्इ भी उद्यमी सॉपस्टोन प्रोजेक्ट यूनिट लगाने के इच्छुक है तो इसके लिए वह महाप्रबन्धक उद्योग केन्द्र से सम्पर्क करते हुए अपना प्रोजेक्ट लगायें। उन्होंने उद्योग बन्धुओं से कहा कि उनकी जो भी समस्यायें है उनका हर सम्भव निराकरण किया जायेगा इसके लिए वह अपनी समस्या से महाप्रबन्धक उद्योग को उपलब्ध करायें ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण समय से किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये है कि आगामी बैठक में सभी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये। इसमें उन्होंने पर्यटन विभाग एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को भी अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहने को कहा ताकि औद्योगिक क्षेत्र में बनाये जा रहे र्इकार्इयों के मानचित्र के स्वीकृति के बारे में भी उद्योग बन्धुओं को जानकारी उपलब्ध करायी जा सके।
बैठक में महाप्रबन्धक उद्योग बी.सी.चौधरी ने अवगत कराया है कि 04 उद्यमियों द्वारा उद्यम स्थापना हेतु एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किये गये थे जिनमें से 01 र्इकार्इ मै0 रिद्धी-सिद्धी मेमोरिजन प्रा0लि0 द्वारा अपनी र्इकार्इ स्थापित कर ली गयी है तथा 02 र्इकार्इ निर्माणाधीन है तथा 02 र्इकार्इयों को ऋण वितरण नहीं हुआ है जिसमें मै0 देवेश इण्टरप्रार्इजेज, प्रो0 देवेश सिंह खेतवाल मिनरल वाटर प्लांट ऋण की धनराशि 100.00 लाख की पंजाब नेशनल बागेश्वर, मै0 रिसोर्ट कौसानी, प्रो0 विपिन चन्द्र उप्रेती ऋण की धनराशि रू0 290.00 लाख अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक गरूड़ से संबंधित है जिसमें जिलाधिकारी ने महाप्रबन्धक उद्योग को निर्देश दिये है कि किन कारणों से बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया है इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने वर्ष 2018-19 में हस्तशिल्प/हथकरघा एवं लघु उद्योग क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले उद्यमियों को पुरस्कार हेतु चयनित किया गया जिसमें हस्तशिल्प रिंगाल के उत्पाद में मनोज कुमार निवासी गोगिना शामा कपकोट को 06 हजार रूपये का चैक एवं प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। अलका चौधरी निवासी सिल्ली लालपुर गरूड़ को पेंटिंग आर्ट एवं क्राफ्ट में द्वितीय पुरस्कार दिया गया जिसमें 04 हजार एवं प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया तथा हथकरघा के क्षेत्र में धना देवी निवासी दुगबाजार बागेश्वर द्वारा दल कालीन, आसन, सोफा के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया जिसमें 06 हजार का चैक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया। भागीरथी देवी निवासी तिमलाबगड़ चीराबगड़ कपकोट को थुलमा (चुटका), पंखी, शॉल हेतु द्वितीय पुरस्कार दिया गया जिसमें 04 हजार का चैक और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। लघु उद्योग क्षेत्र में फुड प्रोडेक्ट उत्पाद के लिए शंकर सिंह निवासी हवील कुलवान गरूड़ को प्रथम पुरस्कार 06 हजार रूपये का चैक एवं प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। मै0 हंस बेकर्स, प्रो0 बसन्त बल्लभ काण्डपाल निवासी परड़ा को लघु उद्योग में द्वितीय पुरस्कार दिया गया जिसमें 04 हजार का चैक एवं प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
जिलाधिकारी ने पुरस्कृत किये गये उद्यमियों को बधार्इ देते हुए कहा कि हस्तशिल्पी/हथकरघा एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत एवं परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया गया है जिससे इन्होंने जनपद का नहीं बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। तथा अपनी व्यवसाय के साथ भी बेरोजगार युवाओं को जोड़कर रोजगार उपलब्ध करा रहे है। इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहे।
बैठक में पूर्व मंत्री राम प्रसाद टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीतू भण्डारी, अधि0अभि0 विद्युत भाष्करानन्द पाण्डेय, जिला सेवायोजन अधिकारी शंकर बोरा, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी के.एस.कम्र्याल, लीड बैंक अधिकारी मनोहर सिंह पांगती, मुख्य प्रबन्धक भारतीय स्टेट बैंक हिमांशु प्रकाश भारती, बबलू नेगी, हरीश सोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये उद्योग मित्र उपस्थित थे।