जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त: गरुड में निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर औचक छापेमारी, लाखों के जुर्माने से मचा हड़कंप
गरुड़, बागेश्वर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने निजी पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक केंद्रों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे एवं महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित मिश्रा तथा उपजिलाधिकारी गरुड़ वैभव कांडपाल के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने विभिन्न केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत को परखा। इस कार्रवाई के दौरान कई केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया।
निरीक्षण के क्रम में आरोग्य पैथोलॉजी सेंटर, गरुड़ में फायर सेफ्टी पंजीकरण की अवधि समाप्त पाई गई, साथ ही क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। सबसे चिंताजनक तथ्य यह रहा कि बिना अधिकृत पैथोलॉजिस्ट के ही रक्त जांच रिपोर्ट जारी की जा रही थी। इस गंभीर लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र पर एक लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसी प्रकार बैजनाथ पैथोलॉजी सेंटर में फायर सेफ्टी पंजीकरण का अभाव, प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी तथा पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति पाए जाने पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अभियान के दौरान सत्यम अल्ट्रासाउंड सेंटर, बैजनाथ में फायर सेफ्टी पंजीकरण न होने के कारण पचास हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया, जबकि सूर्या डायग्नोस्टिक लैब, बैजनाथ में पैथोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता एवं नीडल डिस्पोजल व्यवस्था मानकों के अनुरूप न होने पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी केंद्र संचालकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों एवं नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने दो टूक कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
