March 6, 2026

बेदनीकुंड में पूजा के बाद नंदा लोकजात यात्रा वापस वांक लौटी 

चमोली। नंदा लोकजात यात्रा बेदनीकुंड में विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद संपन्न हो गई। पवित्र सरोवर बेदनी में सौकड़ों नंदा भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। मां नंदा की डोली को कुंड की परिक्रमा करवा कर यात्रा का अभिषेक किया। दस बजे यात्रा वापस वांक गांव के लौट गई है। सौकड़ों यात्रियों ने बेदनी में मां नंदा के दर्शन कर मनौतियां मांगी।शुक्रवार को नंदा लोकजात यात्रा का डोला गैरोलीपातल पड़ाव से सुबह सात बजे बेदनीकुंड पहुंचा। वहां पहले से पहुंचे नंदा भक्तों ने ढोल नगाड़ों और ब्रह्म कमलों से मां का भव्य स्वागत किया। पंडित उमेश कुनियाल ने विधिविधान से नंदा की पूजा अर्चना की। भगवती के पाश्वा त्रिलोक सिंह बुटोला रावत ने देवनृत्य कर क्षेत्र की सुख समृद्वि की कामना की। वांण गांव की महिलाओं ने नंदा के झोड़ा चाचड़ी गाई। कई भक्तों ने कुंड में अपने पित्रों का श्राद्ध किया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद मां नंदा का डोला आली बुग्याल से होते हुए वांक गांव लौट आया है। इस वर्ष बेदनी बुग्याल में खिले नाना प्रकार के फूलों को देख कर श्रद्धालु गदगद हो उठे। ढाई हजार से अधिक यात्रियों ने इस यात्रा में पुण्यलाभ कमाया।इस मौके पर तहसीलदार थराली सोहन रागड़, चौकी इंचार्ज देवाल जगमोहन पटियार, वन दरोगा त्रिलोक बिष्ट, रूपकुंड समिति के अध्यक्ष जीत सिंह, सचिव रूपा देवी, बलवंत सिंह, भुवन सिंह, बतावर सिंह आदि थे।पुरस्कार वितरण के साथ रूपकुंड महोत्सव संपन्नबेदनी में लगने वाला तीन दिवसीय रूपकुंड महोत्सव विभिन्न कलाकारों व कलामंचों ने रंगारंग व भक्ती संगीत से दर्शकों ओतप्रोत कर दिया। ग्राम सभा वांक, कुलिंग, वाण, पाथा,कुराड़ की महिला मंगल दलों द्वारा चाचाड़ी झोड़े लगाए गए। पुष्पा नेगी, कुंदन बिष्ट, दर्शन फरस्वार्ण आदि गायककारों ने अपने अभिनय से रातभर समा बांधे रखा। इस मौके पर धामती देवी, रूकमा देवी, मानुली देवी, पूजा देवी, उखा देवी आदि थे।हिमलाय की पुत्री नंदा के समुख ली प्रतिक्षाश्री नंदा लोकजात यात्रा के समापन पर बेदनी में हिमालय की पुत्री नंदा को साक्षी मान कर हिमालय की रक्षा की प्रतिज्ञा ली गई। पूर्व अनुभाग अधिकारी त्रिलाक बुटोला रावत ने 200 सौ से अधिक नंदा के भक्तों पुजारियों वन विभाग के कर्मचारियो, अन्य सामाजिक संगठनों को हिमालय प्रतिज्ञा करवाई। सभी ने हिमालय की रक्षा का संकल्प लिया।