बागेश्वर में अब सालभर उड़ेंगे पैराग्लाइडर
बागेश्वर। बागेश्वर में साहसिक पर्यटन की अपार संभावना है। इसे देखते हुए पर्यटन विभाग ने यहां सालभर उड़ान भरने के लिए पैराग्लाडिंग को अनुमति दे रही है। प्लाई हिमालय एडवेंचर अब लोगों को इस साहसिक खेल के बारे में बताएगा। बिलौना के अलावा अब कुकुड़माई, जौलकांडे से भी इसका आनंद लिया जाएगा। इसके लिए प्लाई हिमालया ने अपनी तैयारी पूरी कर दी है। गुरुवार को एडवेंचर कोर्स के डायरेक्टर और पूर्व सैनिक जगदीश चंद्र जोशी ने कहा हिमाचल की तर्ज पर यहां भी पैराग्लाइडिंग के माध्यम से लोगों को हवाई रोमांच कराया जाएगा। इसके लिए बाहरी क्षेत्र के प्रशिक्षक लाए जाएंगे। उन्होंने कहा अभी तक जिले में सिर्फ पुलिस लाइन से बिलौना तक ग्लाइडिंग होती है। अब इसमें विस्तार किया जाएगा। कुकुडमाई के टॉप से डिग्री कॉलेज और जौलकांडे से भी उड़ान भरी जाएगी। सालभर जिले में पैराग्लाडिंग के लिए उन्हें अनुमति मिल गई है। दो महीना बारिश में ग्लाइडिंग बंद रहेगी। उनका मुय मकसद इस साहसिक खेल के माध्यम से जिले में पर्यटकों की आमद बढ़ाना है। पर्यटक जिस दिन इस खेल से जुडऩे लगेगा, यहां स्वरोजगार के साधन भी बढऩे लगेंगे। इसका लाभ यहां के युवाओं को मिलेगा। उनकी आर्थिकी मजबूत होगी।
तीसरे दिन भी लिया सरयू की लहरों का आनंद- बागेश्वर। कुमंविनि के तत्वावधान में यहां आयोजित रीवर राटिंग प्रशिक्षण तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशिक्षणार्थियों ने सरयू की लहरों से बचने के तरीके सीखे। नदी के पानी के व्यवहार को जानने के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों ने सैंज से बिलौना तक राटिंग की। प्रशिक्षक राजेंद्र सिंह, पदम सिंह, दीपक बिष्ट तथा वेद प्रकाश भट्ट ने प्रशिक्षण दिया। यहां पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य, रमेश कपकोटी, हरीश मेहरा, मनोज कुमार, रवींद्र बिष्ट आदि रहे।
