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October 15, 2026

बागेश्वर में नए राज्य आंदोलनकारी शासनादेश में नही बैठे फिट

बागेश्वर । उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण सलाहाकार समिति की बैठक जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी। ज्ञातब्य है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में माह सिंतबर, 2019 को राज्य आंदोलनकारी चिन्हिकरण सलाहकार समिति की बैठक आहूत की गयी थी, जिसमें समिति के सदस्यों द्वारा जिलाधिकारी से पुन: आंदोलनकारियों की बैठक आहूत कर सभी आंदोलनकारियों को अपना पक्ष रखने एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया था, जिसके संदर्भ में जिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए आंदोलनकारियों को अपना पक्ष व अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। आंदोलनकारियों द्वारा प्रस्तुत किये गये अभिलेखों को जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी एवं सभी उपजिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर द्वारा उपलब्ध कराये गये अभिलेखों की गहनता से जांच की गयी, तथा इस संबंध में जिलाधिकारी ने एक टीम अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित करते हुए जिला अल्मोडा को भेजी गयी जहां पर टीम द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय अल्मोडा में चिन्हित आंदोलनकारियों द्वारा उपलब्ध कराये गये अभिलेखों के संबंध में जांच करायी गयी। जांच के दौरान टीम को ऐसा कोर्इ साक्ष्य एवं अभिलेख उपलब्ध नही हुए है जिससे की यह सिद्ध हो सके कि यह सक्रिय आंदोलनकारी रहे होंगे। ज्ञातब्य है कि 19 व्यक्तियों के द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी चिन्हित किये जाने के संबन्ध में मा0 उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है जिसके संबन्ध में मा0 उच्च न्यायालय के आदेशानुसार संबन्धित याचिकाकर्ताओं के आवेदन पत्रों पर चिन्हिकरण किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि 22 अक्टूबर, 2008 को जारी शासनादेशानुसार उत्तराखण्ड़ राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हिकरण हेतु निम्न अभिलेखो/दस्तावेज को आधार मानते हुए चिन्हित किया जाना है। चिन्हिकरण हेतु एल.आइ.यू. की रिपोर्ट, पुलिस के अन्य अभिलेख यथा डेली डायरी के प्रासंगिक अंश, प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आर्इ.आर.) जिस रूप में भी दर्ज हो, चिकित्सालय संबन्धी रिपोर्ट, ऐसे अन्य अभिलेखो पर आधारित सूचनायें जिनकी प्रमाणिकता जिसकी पुष्टि की जाय के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हिकरण किया जाना है।बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित आंदोलनकारियों को अवगत कराया कि आंदोलनकारियों की भावना को देखते हुए उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये अभिलेखों का गहनता से परीक्षण एवं जांच करायी गयी जिसमें कोर्इ भी अभिलेख एवं साक्ष्य शासनादेश के अनुसार उपलब्ध नही हुए है जिस कारण आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण के संबंध में विचार किया जाना सम्भव नही है। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रिति प्रियदर्शनी, अपर जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल, उप जिलाधिकारी बागेश्वर राकेश चन्द्र तिवारी, काण्डा योगेन्द्र सिंह, कपकोट प्रमोद कुमार, गरूड़ जयवर्द्धन शर्मा, रेवाधर कनसेरी, रमेश चन्द्र पाण्डेय, गंगा सिंह पांगती, हीरा बल्लभ भÍ सहित सभी आंदोलनकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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