कपकोट में छात्रों ने किया मौलाना अबुल कलाम आजाद को याद
बागेश्वर। राजकीय महाविद्यालय कपकोट में देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी 131वीं जयंती पर याद किया गया। प्राध्यापकों ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं से उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज व देश हित में काम करने को कहा। कार्यक्रम में निबंध और व्यायान प्रतियोगिता भी कराई गई। इधर, राजकीय महाविद्यालय गरुड़ में भी उनकी जयंती पर विविध कार्यक्रम हुए। सोमवार को कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों ने बचों को मौलाना के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। उनके कार्यों और देश के लिए किए योगदान की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा देश की शिक्षा नीति तय करने में मौलाना कलाम का अहम रोल रहा। वह शिक्षा को बढ़ावा देने के हिमायती थे। कार्यक्रम के तहत निबंध और व्यायान प्रतियेगिताएं हुई। निबंध प्रतियोगिता में कंचन मिश्रा ने पहला, ममता दानू ने दूसरा और आनंद बोरा ने तीसरा स्थान हासिल किया। व्यायान प्रतियोगिता में भी कंचन मिश्रा और ममता दानू क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे। दीक्षा शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। छात्रा मनीषा जोशी ने उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातों को प्रस्तुत किया। यहां डॉ. भूपेश तिवारी, डॉ. मुन्ना जोशी, डॉ. कल्पना जोशी, रेनू जोशी, पूजा लोहिया, सरस्वती, संगीता ध्यानी, दीपक आर्या, हंसी देवी आदि रहे।
