समानता मंच ने किया आरक्षण व्यवस्था का विरोध
पिथौरागढ़। अखिल भारतीय समानता मंच ने देश में लागू आरक्षण व्यवस्था का विरोध किया है। कार्यकर्ताओं ने कहा आरक्षण व्यवस्था समाज में भेदभाव को बढ़ावा देकर सामाजिक विघटन पैदा कर रहा है। जिसका वह विरोध करते हैं। मंच ने आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा। सोमवार को समानता मंच ने आरक्षण के विरोध में डीएम के माध्यम से लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा। मंच के जिलाध्यक्ष शमशेर महर ने कहा जब संविधान लागू हुआ तब पिछड़े वर्ग के लिए केवल 10वर्षों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था की आज तक समीक्षा नहीं की गई है। बावजूद इसके आरक्षण व्यवस्था को लगातार बढ़ाया जा रहा है। कहा सरकार संसद के चालू सत्र में आरक्षण का प्रस्ताव पारित कर इसे कानून बनाने की फिराक में है। कार्यकर्ताओं ने कहा ऐसा करना समानता के अधिकारों का उल्लंघन है। संविधान के अनुसार सामाजिक, आर्थिक आधार पर पिछड़े सभी नागरिकों को बगैर भेदभाव के समुचित सुविधाएं मिलनी चाहिए। लेकिन राजनीतिक दल अपनी महत्वाकांक्षा के कारण भेदभाव को बढ़ाना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा आरक्षण की इस व्यवस्था को किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा केंद्र सरकार आरक्षण बिल को लोकसभा के पटल पर पारित करने का प्रयास करेगी तो उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इस मौके पर कैलाश पंत, बिजेंद्र लुंठी, कैलाश पुनेठा सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
