March 14, 2026

सराईखेत के किसानों का अखरोट बना आय का जरिया

अल्मोड़ा। सराईखेत क्षेत्र अखरोट उत्पादन के लिये अग्रणी है। अनेकों काश्तकारों की इससे रोजी रोटी जुड़ी है। इन्हीं में से एक मान सिंह नेगी ने इसे व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने इस बार 35 हजार अखरोट के दानों का उत्पादन कर उद्यान में मिशाल कायम की है। गौरतलब है कि पौड़ी सीमा से लगे सराईखेत, इकूखेत, गाजर, लाखोर सहित अनेकों गांवों मे अखरोट का अछा उत्पादन होता है। कई उद्यमियों का यह आजीविका का मुय साधन है। कनूरी बाखली गाजर के मान सिंह नेगी (64) वर्षों से अखरोट को अपनी आजीविका का जरिया बनाये हुये हैं। उनके द्वारा लगाए गए लगभग 50 अखरोट के पेड़ अब रंग लाने लग गये हैं। इस बार इन पेड़ों से 35 हजार के आसपास अखरोट के दानों का उत्पादन मिला है। मान सिंह खुद इन अखरोटों को स्थानीय बाजार इकूखेत, सराईखेत, डौटियाल के अलावा भिकियासैंण व रानीखेत तक ग्राहकों को सीधे बेचते हैं। अलग-अलग क्वालिटी के अखरोट तीन सौ से चार सौ रूपया सैंकड़ा दाना तक यह आसानी से बिक रहा है। बुजुर्ग उद्यमी की यह उद्यम शिलता स्वरोजगार के लिये एक मिशाल बनी हुई है। मान सिंह का कहना है एक अखरोट का पेड़ पांच वर्ष से फल देना शुरू कर देता है इनके पौधों के रोपण के बाद बचों जैसी परविश करनी पड़ती है। उन्होंने कहा सराईखेत बैल्ट अछे किस्म के अखरोट के लिये प्रसिद्ध है लेकिन किसी भी सरकार ने इनकी विक्री के लिये कोई मंड़ी की व्यवस्था नहीं की है। जहां की काश्तकार सीधे इसकी विक्री कर सके।