March 5, 2026

बागेश्वर में सड़क के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन 

बागेश्वर। 13 साल पहले स्वीकृत सड़क नहीं बनने से हरकोट के ग्रामीण भड़क गये हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला मुयालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन-प्रशासन पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा एसपीसी के तहत स्वीकृत सड़क सरकार ने जान-बूझकर रोकी है। इस दौरान उन्होंने जल्द सड़क नहीं बनने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। सोमवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद हरकोट के ग्रामीण 49 किमी दूर जिला मुयालय पहुंचे। यहां उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीणों ने सभा कर डीएम को ज्ञापन दिया। वक्ताओं ने कहा वर्ष 2006 में एसपीसी के तहत उनके गांव के लिए पांच किमी मार्ग स्वीकृत किया गया था। यह सड़क रिखाड़ी के किमी 21 से प्रस्तावित था, जिससे अनुसूचित जाति रिखाड़ी, धुरकोट और हरकोट गांव को जोड़ा जाना था। लोनिवि ने तब सूपी के तोक तलाई से वन पंचायत रिखाड़ी होते हुए सर्वेक्षण किया था। वन अधिनियम के तहत भारत सरकार से दो बार प्रस्ताव वापस हो चुका है। अब भी मामला वन विभाग कार्यालय में लंबित है। ग्रामीणों ने दोबारा सर्वे कराककर सड़क सुविधा से जोडऩे की मांग की है। उन्होंने कहा गांव की जनसंया करीब 900 है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को अब भी नौ किमी पैदल चलना पड़ रहा है। बीमार और गर्भवती को घोड़ों के माध्यम से सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है। जिस कारण उनके जान पर कई बार बन आती है। इस दौरान उन्होंने जल्द गांव को सड़क से जोडऩे की मांग की है। कहा अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। यहां दान सिंह, पूरन राम, आनंद, गोविंद सिंह, आन सिंह, प्रताप सिंह, सूप राम, जीवन राम, हर सिंह आदि रहे।