बागेश्वर जल निगम पर वन विभाग ने ठोका 2 लाख 54 हजार का जुर्माना
अल्मोड़ा। कोसी नदी के उद्गम स्थल पिनाथेश्वर की पहाड़ी से बागेश्वर जिले के लिए बनाई जा रही पेयजल योजना के लिए बगैर अनुमति पेड़ों का कटान और खनन करने पर जल निगम बागेश्वर पर 2 लाख 54 हजार का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही वन विभाग की अनुमति के बिना निर्माण करने और वन वन सपदा को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इधर कुमाऊं आयुक्त ने भी क्षेत्रीय ग्रामीणों की शिकायत पर काम रोकने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की शिकायत कांटली की ग्राम प्रधान बिमला कांडपाल, पूर्व प्रधान गिरीश काण्डपाल और नव युवक मंगल दल के पूर्व अध्यक्ष किशोर भट्ट और मदन मोहन आदि ग्रामीणों ने आयुक्त कुमाऊं मंडल से भी की थी। बताते चलें कि गत माह उक्त योजना के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था और जल निगम बागेश्वर पर ग्रामीणों और वन विभाग को विश्वास में लिए बगैर योजना में कार्य शुरू करने का आरोप लगा था। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी सोमेश्वर ने मौके पर जाकर कार्य रोक दिया था और पेड़ों के अवैध कटान की बात स्वीकार की थी। अपर जिलाधिकारी अल्मोड़ा बीएल फिरमाल ने बागेश्वर जिलाधिकारी को मामले में कुमाऊं आयुक्त द्वारा कार्रवाई करने का पत्र भेजा है। इधर वन क्षेत्राधिकारी विशन लाल आर्य ने बताया है कि बगैर अनुमति पिनाथेश्वर बीट में पेड़ों का कटान और खनन करने पर जल निगम बागेश्वर पर 2 लाख 54 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
