पहाड़ के सिर 2 राजधानियों का बोझ अन्याय, स्थायी घोषित हो गैरसैंण : उत्तराखंड क्रांतिदल
अल्मोड़ा । आज यहां उत्तराखण्ड क्रांति दल जनपद इकाई अल्मोड़ा द्वारा गैरसैण को सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किये जाने को सरकार का शहीदों राज्य आंदोलनकारियों एवं आम जनता की भावनाओ का अपमान बताते हुए गैरसैण को इसी विधानसभा सत्र स्थायी राजधानी बनाये जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन प्रेषित किया ज्ञापन मे कहा गया है कि न तो उत्तराखण्ड जैसे छोटे राज्य मे दो दो राजधानियों का कोई औचित्य है और न ही कर्ज मे डूबे व कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते दो दो राजधानियों का आर्थिक बोझ सहने मे राज्य सक्षम है ज्ञापन मे यह भी कहा गया है कि गैरसैण ग्रीष्मकालीन राजधानी केवल नेताओ व अधिकारियो के सरकारी धन पर सैर सपाटे की ही वजह बनेगी गैरसैण और देहरादून दो दो स्थानों मे विधान भवनों और अन्य कार्यालयों के निर्माण मे जहा सरकार को बहुत अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ेगी वही देहरादून और गैरसैण मे सरकारी दफ्तरों आवश्यक प्रपत्र व सामग्री स्टाफ को लाने ले जाने मे भी अत्यधिक समय व धनराशि खर्च करनी होगी दो दो स्थानों मे राजधानी होने से अधिकारियो को निर्णयो को टालने व विकास की धीमी प्रगति का अच्छा बहाना मिल जायेगा वही दो दो राजधानियां विकास को कम भ्रष्टाचार को ही अधिक बढ़ाने मे मददगार होंगी उत्तराखण्ड क्रांति दल ने कहा है कि यदि सरकार गैरसैण को स्थायी राजधानी नही घोषित करती है तो वह उग्र आन्दोलन को बाध्य हो जायेगा।ज्ञापन देने वालो मे जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला ब्रहमानंद डालाकोटी मुमताज हुसैन शाह महेश परिहार कमलेश जोशी गोपाल मेहताउदय महरा मुकेश सिंह रावत दीप भट्ट आदि लोग उपस्थित थे।
