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October 22, 2026

विधि-विधान पूर्वक हुआ भगवान बदरीनाथ के पूजन के साथ तेल पिरोने के कार्य का शुभारंभ

नई टिहरी। धरती का बैकुंठ धाम कहे जाने वाले भगवान बदरीनाथ धाम के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में टिहरी सांसद राय लक्ष्मी शाह की अगुवाई में सुहागन महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर तिलों का तेल पिरोया। राजपुरोहित ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ तेल पिरोने के कार्य का शुभारंभ किया। मंगलवार को राजपुरोहित संपूर्णानंद जोशी, आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल व पंडित हेतराम थपलियाल ने विधि-विधान पूर्वक भगवान गणेश और भगवान बदरीनाथ के पूजन के साथ तेल पिरोने के कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान राजमहल ढ़ोल-दमांऊ की थाप से गुंजायमान हो उठा। सदियों पुरानी इस परंपरा को विधि- विधान पूर्वक निभाया गया। तेल पिरोते वक्त सुहागन महिलाएं ने पीले वस्त्र धारण किए हुए थे, और पीले ही वस्त्र से मुंह ढक कर तेल पिरोने का कार्य किया। लॉकडाउन के चलते भगवान बदरीनाथ के अभिषेक के लिए तेल पिरोने का कार्य बहुत सादगी से किया गया। पूर्व के वर्षों में तेल पिरोने के विशेष दिन पर राजमहल को बाहर से लेकर अंदर तक फूलों से सुसजित किया जाता था। लेकिन इस वर्ष राजमहल के बाहरी दीवारों पर कहीं भी फूलों की सजावट नहीं की गई थी।
राजमहल से गाडू घड़ा यात्रा रवाना
तिलों का तेल पिरोने के बाद मंगलवार सांय को तेल कलश को श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक पंचायत पदाधिकारी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। इस बार श्रीबदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत से पांच प्रतिनिधि ही गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा लेने नरेन्द्रनगर पहुंचे। जिसमें डिमरी धार्मिक केंद्र पंचायत के महासचिव राजेंद्र डिमरी, सचिव दिनेश डिमरी वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता अनुज, केंद्रीय पंचायत के सदस्य टीका प्रसाद डिमरी सहित कुल पांच लोग व्यक्ति गाडू घड़ा तेल लेकर राजमहल से मंगलवार को रवाना हुए।

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