कांग्रेस अध्यक्ष पर एफआईआर के खिलाफ गरजी कांग्रेस, सांकेतिक धरना प्रदर्शन
देहरादून। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में मुकदमा दर्ज करने के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेश भर में जिला और शहर कार्यालयों में सांकेतिक धरना देते हुए प्रदर्शन किया। दून में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पार्टी मुयालय राजीव भवन में धरना दिया। कांग्रेस ने कहा कि यदि सोनिया के खिलाफ केस वापस न हुआ तो कांग्रेस सड़़कों पर उतरने को मजबूर होगी। सुबह ग्यारह बजे प्रीतम के नेतृत्व में मुयालय आए कांग्रेस नेताओं ने राजीव प्रतिमा के पास बैठक कर धरना दिया। केंद्र और राय सरकार पर विपक्ष का उत्पीडऩ करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। प्रीतम ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कांग्रेस जरूरतमंदों की प्राणप्रण से सहायता कर रही है। जबकि भाजपा ने सहायता पर भी केवल सियासत ही की है। कांग्रेस ने श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए रेल किराया देने का वादा किया। राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक हजार बसों का इंतजाम करने का प्रयास किया। इसमें भी भाजपा ने कैसी राजनीति की यह किसी से छिपा नहीं है। अब पीएम केयर्स फंड में पारदर्शिता के लिए सवाल उठाया तो केंद्र सरकार के इशारे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कर्नाटक में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पूरे देश में इसीप्रकार विपक्ष का उत्पीडऩ किया जा रहा है। पर कांग्रेस शांत रहने वाली नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महामंत्री आर्येद्र शर्मा, पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, राजेंद्र शाह, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा आदि ने भी केंद्र सरकार पर आम आदमी की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। महामंत्री-संगठन विजय सारस्वत ने कहा कि भाजपा लाख साजिशें रच ले, लेकिन वो कांग्रेस का मनोबल नहीं तोड़ सकती। कांग्रेस भाजपा की तानाशाही का डटकर मुकाबला करेगी। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार, महामंत्री गोदावरी थापली, नवीन जोशी, गिरीशचंद्र पुनेड़ा, किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष रामकुमार वालिया, गरिमा महरा दसौनी, शोभाराम,महेश जोशी, दीवान सिंह तोमर, परिणिता बडोनी, कमलेश रमन, अनिल बस्नेत, जगदीश धीमान, लाखीराम बिजल्वाण, राजीव थापा, उर्मिला थापा, देविका रानी, अविनाश मणि, मीना रावत, भरत शर्मा, सीमा जोशी, प्रकाश जोशी, नीरज नेगी, आशीष रतूड़़ी, अर्जुन सोनकर आदि मौजूद रहे।
