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October 29, 2026

डीएम देहरादून समेत 4 डीएम तथा विधायक अमनमणि समेत 9 अन्य को नोटिस

नैनीताल। हाईकोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी सहित अन्य नौ लोगों को लॉकडाउन के दौरान उत्तराखण्ड सरकार द्वारा बद्रीनाथ व केदारनाथ जाने के लिये स्पेशल पास जारी करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर मुय सचिव ओम प्रकाश, डीएम देहरादून, डीएम रुद्रप्रयाग, डीएम चमोली, डीएम पौड़ी, विधायक अमनमणि त्रिपाठी और उनके नौ साथियों को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने राय सरकार से तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई मुय न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई। जनहित याचिका में याचिकर्ता ने उक्त अफसरों के अलावा डीजीपी, प्रिंसिपल सेकेटरी, सीबीआई को भी पक्षकार बनाया है। गुरुवार को खंडपीठ ने राय सरकार से पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में इनको स्पेशल पास जारी किया गया। जबकि भारत सरकार की ओर से रायों से लॉकडाउन का पूर्ण पालन कराने को कहा गया है। गौरतलब है कि इस मामले में अपर मुय सचिव ओम प्रकाश की ओर से उक्त चारों जिलाधिकारियों को विधायक अमनमणि और उनके साथियों को आगे जाने देने संबंधी अनुमति पत्र भेजा गया था।
विधायक अमनमणि के इन साथियों को नोटिस
हाईकोर्ट ने उप्र के विधायक अमनमणि के साथी जय प्रकाश, माया शंकर, मनीष कुमार, संजय कुमार, रितेश यादव, ओम प्रकाश यादव, अजय यादव, श्रीप्रकाश पासवान और विनय कुमार को भी नोटिस जारी किए हैं।
यह है मामला
देहरादून निवासी उमेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के नौतनवा के विधायक को विशेष पास जारी किए जाने के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि उत्तराखंड शासन में अपर सचिव के पद पर तैनात ओम प्रकाश की ओर से विधायक अमनमणि त्रिपाठी सहित अन्य 10 लोगों को यूपी के मुयमंत्री योगी आदत्यिनाथ के पिता के पितृ कर्म में शामिल होने के लिए बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम जाने को विशेष पास जारी किए गए। पास के अनुरूप इन सभी लोगों को वहां आने-जाने की अनुमति प्रदान की गई थी। लेकिन सुरक्षा में तैनात पुलिस पड़ताल आदि से सार्वजनिक हुए इस मामले ने जोर पकड़ा। पड़ताल करने वाली रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा सभी को पकड़ लिया गया। याचिकर्ता ने कहा है कि इस वक्त देश में लॉकडाउन चल रहा है। केंद्र सरकार ने सभी रायों को सुरक्षा व सोशल डिस्टेंसिंग का सती से पालन कराने का आदेश भी दिया है। इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार की ओर से इनको पास जारी करना व्यवस्था पर सवालिया निशान है। याचिकर्ता का कहना है कि सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन किया है। याचिका में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।

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