बागेश्वर के सलिंग गांव में दो सप्ताह से ठप है बिजली-पानी
बागेश्वर। मानसूनी बारिश ने कपकोट तहसील के कई गांवों में जनजीवन को प्रभावित किया है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सरयू और रेवती घाटी के गांवों में अधिक नुकसान हुआ है। सलिंग गांव के लोग दो सप्ताह से बिना पानी व बिजली के गुजारा कर रहे हैं। गांव कै पैदल रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं। कई घर खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन की उपेक्षा ने भी ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ा दी है। ऐसे में पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने गांव जाकर नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन पर जांच के नाम पर लीपापोती का आरोप लगया। जल्द क्षेत्र को दोबारा मुआयना कर समस्या का समाधान करने की मांग की। पूर्व विधायक फर्स्वाण ने आपदाग्रस्त सलिंग गांव के भैंसखाल तोक का धरातलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मोटर मार्ग से गांव पूरी तरह से खतरे की जद में आ गया है। सड़क दो किमी तक बह गई है। कई जगह जमीन में दरारें पड़ चुकी हैं। जिसके चलते लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। पहाडिय़ों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। जिसे देखकर ग्रामीण सहमे हुए हैं। बारिश के कारण गांव की पेयजल और बिजली लाइन ध्वस्त है। जगह-जगह बिजली के टूटे तार गिरे हैं। जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। पेयजल योजना की पाइप लाइन पूरी तरह से टूट चुकी है। जिसके मरमत करने की अब तक विभाग ने जहमत नहीं उठाई है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र भ्रमण पर उनके साथ गए ग्रामीणों ने उन्हें भूस्खलन से तबाह हो चुके खेत और पैदल रास्ते दिखाए। रास्ता नहीं होने से ग्रामीण जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीण प्रमोद जोशी, दयाल ड्याकराकोटी, तारा सिंह, शोबन सिंह, दुर्गा सिंह, ललित सिंह आदि ने बताया कि शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी ग्रामीणों का हालचाल जानने नहीं पहुंचा है। पूर्व विधायक ने उनकी बात को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने का कि अगर ग्रामीणों के हालात सुधारने के लिए उन्हें आंदोलन भी करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से भी जल्द गांव का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों की परेशानी को दूर करने की मांग की।
आपदा प्रभावित हांप्टीकापड़ी के ग्रामीण डीएम से मिले
बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ गांव हांप्टीकापड़ी के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी विनीत कुमार से मिलकर उन्हें बारिश से हुए नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव में पिछले दिनों हुई बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। 17 ग्रामीणों के घरों को खतरा पैदा हो गया है। कई किसानों की उपजाऊ जमीन बारिश की भेंट चढ़ गई है। गांव में संचार सुविधा नहीं होने से लोग अपनी समस्या को प्रशासन तक भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराने और उनकी समस्या का त्वरित समाधान करने की मांग की। मांग करने वालों में हयात सिंह, यशपाल सिंह, मेहरबान सिंह, पार्वती देवी, प्रवीण सिंह, कुंदन सिंह, नंदन सिंह, सुंदर सिंह, मोहन सिंह, डिगर सिंह आदि शामिल थे।
