धान खरीद में धांधली पर गुस्से से लाल हुए किसान
रुद्रपुर। प्रदेश सरकार पर उपेक्षापूर्ण खरीद नीति बनाने का आरोप लगाते हुए तराई किसान संगठन के बैनर तले बुधवार को बड़ी संया में किसानों की गल्ला मंडी में महापंचायत हुई। इसमें किसानों की समस्याओं सहित औने-पौने दामों में किसानों की फसलों की बिक्री का मुद्दा उठाया गया। इस दौरान गुस्साए किसानों ने काशीपुर हाईवे पर धान की होली जलाकर आक्रोश जताया और मौके पर पहुंचे एसडीएम विशाल मिश्रा को मुयमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ऐलान किया कि यदि जल्द किसानों के साथ लूट खसोट बंद नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान महापंचायत में वक्ताओं ने शासन-प्रशासन पर भड़ास निकालते हुए कहा कि सरकार की उपेक्षापूर्ण खरीद नीति के कारण प्रदेश का किसान उपेक्षित महसूस कर रहा है। धान खरीद में सरकार के खोखले दावे की पोल खुल रही है। किसान अपनी धान की फसलें 1300 से लेकर 1400 रुपये प्रति कुंतल बेचने को विवश है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के मानक की धजियां उड़ रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार मशीनरी पूर्णतया फेल हो चुकी है। क्रय केंद्रों पर पर्याप्त संसाधन नहीं है। कचा आढ़ती सरकार के आदेशों की खुलेआम धजियां उड़ा रहे हैं। इसकी वजह से किसानों को फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कचा आढ़ती सरकारी की नीति से हटकर मंडी के बाहर सस्ते दामों पर धान की खरीद फरोत कर रहे हैं,जबकि जिला प्रशासन द्वारा कचा आढ़तियों को नमी के आधार पर धान खरीदने का प्रावधान रखा गया था। आरोप था कि सरकार ने मंडी के अंदर क्रय केंद्रों एवं कचे आढ़ती के द्वारा खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने चाहिए। नई नीति में पोर्टल एवं खरीद की मात्रा एवं भुगतान जैसी समस्याओं के समाधान के लिए चौदह दिन के बाद भी भुगतान की व्यवस्था सुचारू लागू होनी चाहिए थी। इसके अलावा कचे आढ़ती खरीद के दौरान मंडी मंडी के अंदर वीडियोग्राफी करने व बोली व्यवस्था सरकार के नुमाइदें की मौजूदगी में करने और केंद्र सरकार सरकार तीनों किसान विरोधी अध्यादेश को प्रदेश में लागू नहीं करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही किसानों की मांगों पर विचार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर ठाकुर जगदीश सिंह, अमनदीप सिंह ढिल्लो, सुक्खा सिंह, कुंवर पाल, कान्हा तिवारी, सुधीर शाही, जसवीर सिंह, सुखदवे सिंह, गुरजीत सिंह, हरपाल सिंह, सुरजीत सिंह बरनाला, संतो सिंह आदि मौजूद रहे।
मांगें पूरी नहीं हुई तो बॉर्डर पर रोकेंगे बाहरी व्यापारियों को
रुद्रपुर। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि महापंचायत में पहुंचे किसान नेता स्थानीय स्तर के थे। इसके अलावा जिलेभर में किसानों की बैठक हुई है। बताया कि शासन-प्रशासन ने जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला तो 17अक्तूबर से बाहरी प्रदेशों से औने-पौने दामों पर किसानों की धान खरीदकर सीमा पार करने वाले व्यापारियों की धरपकड़ के साथ ही बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा आंदोलन के क्रम में कलक्ट्रेट पर किसानों का प्रदर्शन, धान क्रय केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन सहित आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने गौर नहीं किया तो वृहद आंदोलन का ऐलान किया जाएगा, लेकिन किसानों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
