June 30, 2026

पर्वतीय क्षेत्रों में कोरोना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे हैं सवाल : प्रदीप टम्टा

 विदेश से आ रहे संक्रमित लोगों को रोकने में सरकार नाकाम

बागेश्वर। रायसभा सदस्य प्रदीप टटा ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का पर्वतीय क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। पिथौरागढ़ में ब्रिटेन से आए संक्रमित व्यक्ति के पाए जाने से वहां लाकडाउन लगा है। उन्होने कहा कि सरकार विदेश से आने वाले संक्रमित लोगों को रोक पाने में नाकाम हुई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिल सका है। रविवार को लोनिवि गेस्ट हाउस में हुई पत्रकार वार्ता में रायसभा सदस्य टटा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कोरोना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार की नाकामी के चलते विदेश से कोविड संक्रमित लोग सीमांत जिले तक पहुंच गए हैं। जिससे यहां लॉकडाउन लगाने की स्थिति बन गई है। राय सरकार के आंकड़ों के अनुसार छह लाख प्रवासी घर लौटे हैं। इन लोगों की सुरक्षा और देखरेख का जिमा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपा गया था लेकिन अफसोस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पिछले छह माह से मानदेय तक नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास रायमंत्री रेखा आर्य एक महिला होने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर पा रही हैं। जून से आरक्षित और सितंबर माह से सामान्य वर्ग के कार्यकर्ता मानदेय का इंतजार कर रहीं हैं। इस बाबत उनकी बातचीत महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव हरीश सेमवाल से हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र से अलग-अलग मद में बजट प्राप्त होता है लेकिन बजट मिलने पर सरकार को तय करना चाहिए था कि उसे मानदेय के रूप में सामान्य तरीके से बांटा जाए। जबकि ऐसा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा की उत्तराखंड में जुगलबंदी चल रही है। स्कूल फिलहाल बंद हैं और उत्तराखंड के लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक मौजूद थे।